कर्नाटक में निर्दलीय विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई है. बीजापुर सिटी से विधायक पर आरोप है कि एक जीवित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया. शिकायतकर्ता रजाक ने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है.
रजाक का आरोप है कि विधायक यतनाल की ओर से सितंबर 2026 में उनके नाम को मतदाता सूची से हटाने के लिए दस्तावेज जमा किए गए. शिकायत में कहा गया है कि जिन दस्तावेजों के आधार पर नाम हटाने की मांग की गई, उनमें रजाक को मृत बताया गया था, जबकि वो जीवित हैं.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने यतनाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें धारा 318(4), 336(3) और 340(2) शामिल हैं.
अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मतदाता का नाम हटाने के लिए जमा किए गए दस्तावेज असली थे या उनमें किसी तरह की जालसाजी की गई थी. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कर्नाटक में मतदाता सूची को लेकर संशोधन और जांच की प्रक्रिया चल रही है.
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि दस्तावेज किसने तैयार किए और उन्हें चुनाव अधिकारियों के सामने किस तरह पेश किया गया. पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा हुआ था या नहीं और इस पूरे मामले में किसकी भूमिका रही.
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मतदाता सूची से नाम हटाने पर क्या सवाल उठे?
इस दौरान कई जगहों से पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिशों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से हटना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है.
नागार्जुन