भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और इस लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने का सबसे अहम साधन है – वोटर कार्ड (Voter Card). यह न केवल एक पहचान पत्र होता है, बल्कि एक नागरिक की यह जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करता है कि वह देश के चुनावी प्रक्रिया में भाग लेकर अपनी भूमिका निभाए.
वोटर कार्ड, जिसे मतदाता पहचान पत्र (EPIC - Electors Photo Identity Card) भी कहा जाता है, भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक दस्तावेज है. इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव के समय फर्जी वोटिंग को रोकना और प्रत्येक पात्र नागरिक को पहचान देना है.
वोटर कार्ड के कई लाभ हैं जैसे-मतदान का अधिकार, पहचान प्रमाण, सरकारी योजनाओं का लाभ, पते और उम्र का प्रमाण होता है.
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में करीब 2.29 करोड़ की कमी आई है. अकेले उत्तर प्रदेश में 2.04 करोड़ वोटर घटे हैं. पांचों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. अधिकारी राज्यों का दौरा कर रहे हैं और चुनावी तैयारियों की समीक्षा बैठकें कर रहे हैं.
दिल्ली की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में 47.5 लाख नाम हटाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का स्पष्ट आंकड़ा मांगा है. अदालत ने पता बदलने या गणना फॉर्म नहीं भर पाने वालों को फॉर्म 6 के लिए मजबूर न करने को कहा.
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को धांधली भरा बताते हुए उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया। दूसरी ओर, उन्होंने अमेरिका में पिछले या आगामी मिडटर्म चुनावों में वोटर फ्रॉड की जानकारी देने वालों के लिए 10 लाख डॉलर के इनाम का ऐलान किया है।
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में नामों की अजीबोगरीब गलतियों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने सफाई दी है. पहली बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान अंग्रेजी नामों को हिंदी में अनुवाद किए जाने से गड़बड़ियां हुईं. आयोग के अनुसार, 14 लाख प्रविष्टियों में से 158 में गलतियां हुईं. वहीं, पीलीभीत में 10,470 वोटर एंट्री में अनियमितताएं मिलने पर दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए और कंप्यूटर ऑपरेटर को बर्खास्त कर दिया गया.
पंजाब के लुधियाना में मतदाता सूची में शहीद भगत सिंह की तस्वीर होने के दावे से विवाद खड़ा हो गया. लुधियाना ईस्ट के बूथ नंबर 38 पर अमन कुमार के नाम के सामने उनकी तस्वीर दर्ज होने की बात कही गई थी. प्रशासन ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि गलत फोटो पुरानी मतदाता सूची से ड्राफ्ट सूची में पहुंची थी. अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन के दौरान तस्वीर सुधार दी गई है और सही फोटो के साथ अंतिम सूची तैयार है.
कर्नाटक में निर्दलीय विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है. उनपर आरोप है कि उन्होंने जीवित शख्स को मृत साबित करके वोटर लिस्ट से नाम हटवाने की कोशिश की. अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.
SIR के दौरान फॉर्म 6 के साथ जोड़े गए अतिरिक्त घोषणापत्र को लेकर विवाद है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने किसी संशोधित फॉर्म 6 को मंजूरी नहीं दी. चुनाव आयोग ने सफाई दी कि मूल फॉर्म में बदलाव नहीं हुआ था और अतिरिक्त घोषणा सिर्फ SIR के लिए जोड़ी गई थी, जिसे अब हटा दिया गया है.
कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के आरोपों को लेकर बेलगावी, बीदर और मैसूरु में FIR दर्ज की गई हैं. बेलगावी में बीजेपी नेता रवि पाटिल समेत अन्य लोगों पर 198 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के जरिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप है.
यूपी में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा. पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं, महिलाओं, दिव्यांग और बेघर पात्र नागरिकों को सूची से जोड़ने पर खास जोर रहेगा.
SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने दस महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज की. वहीं आयोग के सूत्रों ने इन आपत्तियों को औपचारिक असहमति मानने से इनकार किया और कहा कि सभी फैसले तीनों आयुक्तों की मंजूरी से हुए हैं.
दिल्ली में SIR के दौरान 125 साल के वोटर श्याम मुखिया समेत 33.13 लाख से ज्यादा मतदाताओं को विवरण में गड़बड़ी को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं. इनमें कई प्रमुख लोगों के नाम भी शामिल हैं. नोटिस मिलने का मतलब वोटर का नाम हटना नहीं है.
पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम हटने पर सियासी विवाद बढ़ गया है. चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जबकि AAP ने आरोप खारिज कर SIR को चुनाव आयोग की प्रक्रिया बताया. 12 सितंबर तक नाम जोड़ने के लिए दावा-आपत्ति दर्ज की जा सकती है.
दिल्ली में एसआईआर के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को प्रकाशित होनी है. वोटर लिस्ट ड्राफ्ट में अगर कोई नाम प्रकाशित होने से रह जाए, तो इसके लिए दूसरा मौका भी मिलेगा.
ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए आपके वोटर कार्ड और आधार कार्ड में रजिस्टर्ड अपने मोबाइल फोन नंबर को लिंक करना होगा. फिर ओटीपी आएगा. इससे आपका ई-साइन सत्यापन होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनाव आयोग को नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है. चुनाव आयोग का अधिकार केवल वोटर लिस्ट के नियंत्रण तक ही है.
शायद ही किसी ने सोचा हो कि बीजेपी भी कभी SIR प्रक्रिया के विरोध में खड़ी नजर आएगी. लेकिन, कर्नाटक में बिल्कुल ऐसा ही हुआ है. यहां तक कि चुनाव आयोग में शिकायत भी हो गई है. और, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी SIR के मुद्दे पर कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार के रास्ते पर ही बढ़ रहे हैं.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की जनता के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया है. इसमें उन्होंने महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये देने की योजना का भी उल्लेख किया है.
पाकिस्तान से आए कई हिंदू परिवार भारत में नागरिकता, LTV, आधार और अन्य दस्तावेजों की प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. इन परिवारों और उनके लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने तक बैंक खाता खोलने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में कई व्यावहारिक चुनौतियां आती हैं. जानिए उनकी कहानी और प्रमुख मांगें.
दिल्ली में 30 जून से शुरू हुए एसआईआर के पहले सात दिन में ही 52 फीसदी से अधिक मतदाताओं तक एन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं. ये फॉर्म ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं.
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के एक निवासी को विदेशी घोषित कर दिया. याचिकाकर्ता ने अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए 15 दस्तावेज पेश किए, जिनमें 1951 का NRC, वोटर लिस्ट, जमीन के कागजात, पैन कार्ड और वोटर आईडी शामिल थे. लेकिन कोर्ट ने इन दस्तावेजों को कानूनी रूप से अमान्य माना.
क्या भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है? विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर यही सवाल छाया हुआ है. अगर पासपोर्ट सिर्फ ट्रैवल डॉक्यूमेंट है तो पुलिस वेरिफिकेशन क्यों होता है? विदेशी नागरिकता लेने पर पासपोर्ट वापस क्यों लेना पड़ता है? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर भारतीय नागरिकता का असली सबूत क्या है? इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए पूरा विवाद और नागरिकता कानून की सच्चाई.