इन दिनों गर्मी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि यूरोप के देशों में भी कहर बरपा रही है. भारत में तो हालात ऐसे हैं कि कुछ शहरों में एसी और कूलर से भी उस कदर सुकून नहीं मिल पा रहा. ऐसे में लोग तपती धूप में अपने घरों को माइक्रोवेव ओवन बनने से रोकने के लिए तरह- तरह के उपाय निकाल रहे हैं. चलिए नजर डालते हैं ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जिनसे आपके घर का टेम्प्रेचर 10 डिग्री तक कम हो जाएगा और एसी का बिल भी कम आएगा.
गर्मी के दिनों में अपने घर की छत को कुछ विशेष तरीके से पेंट कर देने से अंदर का टेंप्रेचर काफी हद तक नीचे गिर जाता है. अक्सर आपने कुछ लोगों को अपनी छतों को सफेद या ऑफ व्हाइट कलर से पेंट करते हुए देखा होगा. ऐसा करने से वाकई में घर के अंतर का तापमान कम हो जाता है. ऐसे में समझते हैं कि घर के छत को सफेद रंग से ही क्यों रंगा जाता है और क्या किसी भी सफेद रंग से रंग देने से काम चल जाएगा.
वैसे तो पारंपरिक तौर पर लोग अपने घरों की छतों को सफेद चूना से रंग देते थे. इससे छत की सतह सफेद हो जाती है और इससे अंदर का तापमान कम हो जाता है. इसके पीछे सिंपल सा साइंस है. सफेद रंग सूरज की तेज किरणों को तुरंत रिफ्लेक्ट कर देती है. इससे छत ज्यादा तपती और अंदर का टेम्प्रेचर कम हो जाता है.
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आजकल रूफ टॉप कूलिंग के लिए कई खास तरह के कोट और पेंट उपलब्ध हैं जो न सिर्फ घरों को तपने से बचाते हैं, बल्कि अंदर की गर्मी भी इससे बाहर रिलीज हो जाती है. यानी अगर दीवारे और कंक्रीट तप गई है तो ठंडी छत दीवारों को भी खुद ब खुद ठंडा कर घर को और भी कूल बना देती है.
घर की छतों को तपती गर्मी से बचाने के लिए सबसे सस्ता और असरदार उपाय है, व्हाइट सीमेंट की कोटिंग. सिर्फ व्हाइट सीमेंट के घोल से छट को पेंट करने से ज्यादा राहत नहीं मिलती है. इसमें 5:1:5 के हिसाब से पानी और फेविकोल मिलाना होता है. यानी व्हाइट सीमेंट 5 किलो, फेविकोल 1 किलो और पानी 5 लीटर मिलाकर. अच्छे से एक घोल तैयार कर लें और इसे छत को डबल कोट या दो लेयर का पेंट चढ़ा दें.
10 डिग्री तक कम हो जाएगा टेंप्रेचर
एक्सपर्ट का दावा है कि ऐसा करने से घर के अंदर का टेंप्रेचर 10 डिग्री तक कम हो जाता है. यानी बाहर अगर 43 डिग्री गर्मी है तो अंदर 33 या 35 डिग्री टेंप्रेचर होगा. अगर 5 से 6 डिग्री भी अंदर का तापमान कम हो जाता है तो इससे घर में लगी एसी पर कम दबाव पड़ता है और इस तरह से बिजली का बिल भी कम आता है.
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व्हाइट सीमेंट और फेविकोल का मिश्रण सबसे सस्ता उपाय है. इसके अलावा भी कई तरह के कूलिंग पेंट और हीट रिफ्लेक्टिव कूल रूफ पेंट बाजार में उपलब्ध हैं. इनके 1800 से 2500 में 5 किलो और 4 से 5 हजार रुपये 10 किलो के डिब्बे आते हैं. इन रूफ कूलिंग पेंट के छत को रंग देने से यह सूरज की तेज किरणों और अल्ट्रावायलेट रेज को 80 से 90 प्रतिशत तक रिफ्लेक्ट कर देती है.
जब घर की छत ठंडी रहती है तो दीवारों का तापमान खुद ब खुद कम हो जाता है और घर के अंदर का तापमान 7 से 10 डिग्री तक कम हो जाता है. इससे एसी और कूलर जैसे उपकरणों पर कम दबाव पड़ता है और बिजली भी कम खर्च होती है.
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