18 कैरेट, 22 कैरेट या 14 कैरेट? कौन सा सोना गहनों के लिए बेहतर

सोने की ज्वेलरी खरीदते समय अक्सर 14, 18 और 22 कैरेट को लेकर लोग उलझ जाते हैं. ज्यादा कैरेट का मतलब ज्यादा शुद्ध सोना होता है, लेकिन हर गहने के लिए 22 कैरेट ही बेहतर हो, ऐसा जरूरी नहीं है.

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 वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक शुद्ध 24 कैरेट सोना काफी मुलायम होता है (Photo: AI Generated) वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक शुद्ध 24 कैरेट सोना काफी मुलायम होता है (Photo: AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:28 AM IST

सोने की ज्वेलरी खरीदते समय आपने 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट जैसे शब्द जरूर सुने होंगे. लेकिन इन तीनों में अंतर क्या है. दूसरा सवाल है कि गहनों के लिए कौन सा सोना बेहतर होता है? इसका जवाब सिर्फ शुद्धता में नहीं छिपा है. आप गहना रोज पहनने वाले हैं, उसमें हीरा या कोई दूसरा पत्थर लगा है या फिर पारंपरिक सोने का गहना खरीद रहे हैं, इसके आधार पर कैरेट का चुनाव बदल सकता है.

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पहले समझिए कैरेट का मतलब

भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस के मुताबिक सोने की ज्वेलरी के लिए 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट समेत कई फाइननेस कैटेगरी तय हैं. बीआईएस के अनुसार 14 कैरेट में 585 फाइननेस, 18 कैरेट में 750 और 22 कैरेट में 916 फाइननेस होती है. इसका मतलब है कि 14 कैरेट में कम से कम 58.5 फीसदी, 18 कैरेट में 75 फीसदी और 22 कैरेट में 91.6 फीसदी सोना होता है.फाइननेस का मतलब सोने की शुद्धता यानी उसमें मौजूद असली सोने की मात्रा होता है.

 वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक शुद्ध 24 कैरेट सोना काफी मुलायम होता है. दूसरी धातुओं को मिलाने से सोने की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाया जा सकता है.

22 कैरेट सोना: ज्यादा शुद्धता, पारंपरिक गहनों में पसंद

22 कैरेट सोने में करीब 91.6 फीसदी सोना होता है और भारत में यह पारंपरिक ज्वेलरी के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली किस्मों में से एक है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत में प्लेन गोल्ड ज्वेलरी का बड़ा हिस्सा 22 कैरेट का है.

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अगर आप चेन, कंगन, हार या पारंपरिक सोने की ज्वेलरी खरीद रहे हैं और आपकी प्राथमिकता ज्यादा सोने की मात्रा है, तो 22 कैरेट लोकप्रिय विकल्प है.

हालांकि, ज्यादा सोने की मात्रा का मतलब यह भी है कि यह कम कैरेट वाले सोने की तुलना में अपेक्षाकृत नरम होता है. इसलिए बेहद बारीक डिजाइन या ज्यादा मजबूत गहने के लिए दूसरे कैरेट भी देखे जाते हैं.

18 कैरेट: हीरे और आधुनिक ज्वेलरी में क्यों पसंद किया जाता है?

18 कैरेट सोने में 75 फीसदी सोना होता है और बाकी हिस्सा दूसरी धातुओं का होता है.वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत में डायमंड या दूसरी स्टोन-स्टडेड ज्वेलरी में 14 और 18 कैरेट का इस्तेमाल खास तौर पर बढ़ा है. इसकी एक वजह यह है कि कम कैरेट वाले सोने के मिश्रधातु ज्यादा कठोर होते हैं और उनमें पत्थर सेट करना आसान होता है. इससे ज्वेलर्स अपेक्षाकृत पतले और बारीक डिजाइन भी तैयार कर सकते हैं.

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इसलिए अगर आप डायमंड रिंग, स्टोन-स्टडेड ईयररिंग या आधुनिक डिजाइन की ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो 18 कैरेट एक उपयोगी विकल्प हो सकता है.

14 कैरेट: कम सोना, लेकिन ज्यादा मजबूती-14 कैरेट सोने में कम से कम 58.5 फीसदी सोना होता है. बीआईएस इसे 585 फाइननेस के रूप में मान्यता देता है.

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत में 14 कैरेट ज्वेलरी का इस्तेमाल खास तौर पर हल्की और फैशन ज्वेलरी में बढ़ा है. कम कैरेट वाले सोने में दूसरी धातुओं की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह अपेक्षाकृत कठोर होता है और रोजाना पहनने वाली तथा बारीक डिजाइन की ज्वेलरी के लिए उपयोगी हो सकता है.

हालांकि, इसमें सोने की मात्रा 18 और 22 कैरेट से कम होती है. इसलिए अगर आपकी प्राथमिकता ज्यादा शुद्ध सोना है, तो 22 कैरेट ज्यादा बेहतर रहेगा.

तो 14, 18 या 22 कैरेट में कौन सा बेहतर?

इसका कोई एक जवाब नहीं है. बेहतर कैरेट आपकी जरूरत पर निर्भर करता है.

22 कैरेट: ज्यादा शुद्धता और पारंपरिक सोने की ज्वेलरी के लिए अच्छा विकल्प.

18 कैरेट: हीरे और स्टोन-स्टडेड ज्वेलरी तथा आधुनिक डिजाइन के लिए अच्छा विकल्प.

14 कैरेट: हल्की, फैशन और अपेक्षाकृत ज्यादा कठोर ज्वेलरी के लिए उपयोगी विकल्प.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत में पारंपरिक और प्लेन गोल्ड ज्वेलरी में 22 कैरेट का दबदबा है, जबकि रोजाना पहनने और फैशन ज्वेलरी में 18 और 14 कैरेट की मांग भी बढ़ी है.

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ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ कैरेट न देखें

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सोने का गहना खरीदते समय सिर्फ 14K, 18K या 22K देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. बीआईएस के मुताबिक हॉलमार्क वाले गहने पर बीआईएस का लोगो, कैरेट के साथ फाइननेस और छह अंकों का एचयूआईडी नंबर देखना चाहिए. एचयूआईडी नंबर को बीआईएस केयर ऐप के जरिए भी सत्यापित किया जा सकता है.

 

इसके अलावा बीआईएस के अनुसार ज्वेलरी के बिल में आभूषण का विवरण, कीमती धातु का नेट वजन, कैरेट और फाइननेस तथा हॉलमार्किंग चार्ज जैसी जानकारी होनी चाहिए.

यानी अगली बार ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ यह मत पूछिए कि 22 कैरेट सबसे अच्छा है या 18 कैरेट. पहले तय कीजिए कि आपको गहना किस काम के लिए चाहिए. ज्यादा शुद्धता चाहिए तो 22 कैरेट, स्टोन-स्टडेड या आधुनिक डिजाइन चाहिए तो 18 कैरेट और हल्की, अपेक्षाकृत कठोर ज्वेलरी चाहिए तो 14 कैरेट पर विचार किया जा सकता है.

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