बाघ ने भरी आबादी के बीच घोड़े को बनाया शिकार, जंगल में खींच ले गया; देखें LIVE VIDEO

उत्तराखंड के रामनगर  में बाघ के खौफ का वीडियो सामने आया है. फॉरेस्ट डिवीजन के कोसी रेंज में गर्जिया क्षेत्र में एक बाघ ने घोड़े को अपना शिकार बनाया और दिनदहाड़े उसे जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर खींच ले गया. इस घटना के दौरान आसपास लोगों की मौजूदगी भी थी. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत है. 

Advertisement
घोड़े के शिकार का वीडियो देख लाेग दहल गए (Photo ITG) घोड़े के शिकार का वीडियो देख लाेग दहल गए (Photo ITG)

लीला सिंह बिष्ट

  • रामनगर ,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:58 AM IST

उत्तराखंड के रामनगर फॉरेस्ट डिवीजन की कोसी रेंज से बाघ की मौजूदगी का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है. गर्जिया के पास झूलापुल क्षेत्र में एक बाघ ने घोड़े को अपना शिकार बना लिया और उसे जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर खींच ले गया. हैरानी की बात यह है कि यह घटना दिन के उजाले की बताई जा रही है. बाघ के शिकार को लेकर जंगल की ओर जाने का वीडियो सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है.

Advertisement

वीडियो में बाघ घोड़े को अपने मुंह में दबाए तेजी से जंगल की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है. बाघ के रास्ते में आने वाले स्थान पर इंसानों की आवाजाही भी नजर आती है. वीडियो में मौके पर मौजूद लोगों की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं. इस वजह से घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. आमतौर पर बाघ को घने जंगल या सुनसान इलाकों में शिकार करते देखा जाता है, लेकिन इस घटना में वह इंसानी गतिविधियों वाले क्षेत्र के बेहद करीब नजर आया.

बताया जा रहा है कि घटना गर्जिया के झूलापुल क्षेत्र की है. यह इलाका रामनगर के उन क्षेत्रों में शामिल है, जहां स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की भी आवाजाही रहती है. ऐसे में दोपहर के समय बाघ का अचानक सामने आना और घोड़े को शिकार बनाकर जंगल की ओर ले जाना कई सवाल खड़े करता है. वीडियो में बाघ काफी तेजी से घोड़े को लेकर आगे बढ़ता दिखाई देता है. उसके मुंह में घोड़ा साफ नजर आ रहा है. आसपास मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. घटना के दौरान लोगों की बातचीत और आवाजें भी रिकॉर्ड हुई हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौके पर मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य कितना डरावना रहा होगा.

Advertisement

इंसानी आवाजाही के बीच बाघ की मौजूदगी से बढ़ी चिंता

गर्जिया और आसपास का क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है. यहां जंगल और नदी क्षेत्र के आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में बाघ का इंसानी गतिविधियों वाले इलाके में शिकार के साथ दिखाई देना मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को बढ़ाने वाला माना जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस क्षेत्र में बाघ घोड़े को लेकर गया, वहां आमतौर पर लोगों का आना-जाना रहता है. दिन के समय बाघ की इस तरह मौजूदगी ने लोगों को सतर्क कर दिया है. घटना के बाद आसपास रहने वाले लोग अपने मवेशियों और अन्य पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं.

जंगल के करीब रहने वालों के लिए बढ़ी चुनौती

रामनगर और इसके आसपास के वन क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों की गतिविधियां कई स्थानों पर एक-दूसरे के करीब हैं. जंगल से सटे इलाकों में अक्सर ग्रामीण अपने पशुओं को चराने के लिए ले जाते हैं. दूसरी ओर, पर्यटन गतिविधियों के कारण भी जंगल के आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में बाघ का आबादी या इंसानी आवाजाही वाले क्षेत्र के नजदीक आना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय बन जाता है. खासकर तब, जब बाघ दिन के समय भी शिकार के साथ दिखाई दे. इस घटना ने एक बार फिर जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की निगरानी और लोगों को सतर्क रखने की जरूरत को सामने ला दिया है.

Advertisement

कैमरे में कैद हुआ खौफनाक VIDEO

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है. वीडियो में बाघ को घोड़े को लेकर जंगल की ओर जाते हुए देखा जा सकता है. बाघ जिस तेजी से शिकार को लेकर आगे बढ़ता है, उससे उसकी ताकत और शिकार पर पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है. वीडियो देखने वाले लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि बाघ इतनी नजदीक से और दिन के समय लोगों की मौजूदगी के बीच दिखाई दिया. हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ का व्यवहार कई परिस्थितियों पर निर्भर करता है और केवल दिन में दिखाई देने के आधार पर उसके व्यवहार को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

इस तरह की घटनाओं के बाद जंगल और आबादी के बीच रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बेहद जरूरी हो जाती है. लोगों को जंगल के किनारे या वन क्षेत्र के आसपास अकेले जाने से बचना चाहिए. पालतू पशुओं को भी खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग को ऐसे इलाकों में निगरानी बढ़ानी चाहिए, जहां बाघ की गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं. खासकर उन स्थानों पर जहां पर्यटकों और ग्रामीणों की नियमित आवाजाही होती है, वहां लोगों को वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने और किसी भी बाघ की मौजूदगी की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए.

Advertisement

रामनगर का वन क्षेत्र बाघों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है. जंगल और उसके आसपास मानव गतिविधियों के बढ़ने के साथ कई बार वन्यजीव आबादी के करीब पहुंच जाते हैं. ऐसे मामलों में सबसे बड़ी चुनौती इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है. घोड़े को शिकार बनाने की यह घटना भी इसी चुनौती की ओर इशारा करती है. बाघ ने प्राकृतिक रूप से शिकार किया, लेकिन जिस स्थान और समय पर यह घटनाक्रम सामने आया, वह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए चिंता का विषय जरूर है.

फिलहाल इस घटना के वीडियो ने क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज कर दी है. लोगों की नजर अब वन विभाग की निगरानी और आगे की कार्रवाई पर है. दिन के उजाले में घोड़े को शिकार बनाकर जंगल की ओर ले जाते बाघ का यह दृश्य वन्यजीवों की ताकत के साथ-साथ जंगल के करीब रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहने का संदेश भी देता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »