धामी सरकार की योजना से उत्तराखंड के युवाओं को विदेश में मिल रही नौकरी

उत्तराखंड के युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार विदेशी भाषा प्रशिक्षण पर जोर दे रही है.

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सीएम धामी की पहल (Photo-ITG) सीएम धामी की पहल (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:16 AM IST

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से उत्तराखंड के युवाओं का विदेश में नौकरी का सपना साकार हो रहा है. मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत अब तक प्रदेश के 106 युवा विदेश में नौकरी पा चुके हैं. युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने के लिए उन्हें विदेशी भाषाओं में पारंगत बनाया जा रहा है, इसके लिए प्रदेश में जर्मन और जापानी भाषा के कुल 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जबकि उत्तरकाशी और टिहरी जनपद में भी जल्द ही विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे.

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मुख्यमंत्री धामी की पहल पर मई 2023 में इस रोजगार परक योजना को मंजूरी दी गई थी, योजना के क्रियान्वयन के लिए कौशल एवं सेवायोजन विभाग के तहत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया गया है. सरकार का लक्ष्य युवाओं को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर अधिक से अधिक संख्या में विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराना है, इसके लिए देहरादून में जर्मन भाषा के 75 और जापानी भाषा के 45, अल्मोड़ा में जर्मन भाषा के 22 और बागेश्वर में जापानी भाषा के 16 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं.
 
जानकारी के मुताबिक वर्तमान में जनपद देहरादून में जर्मनी के लिए 4 बैच, जापान के लिए 2, अल्मोड़ा में जर्मनी के लिए 1 और जनपद बागेश्वर में जापान के लिए 01 बैच में भाषा प्रशिक्षण चल रहे हैं. सरकार के प्रयासों से अभी तक 106 युवा विदेशों में रोजगार पा चुके हैं, इनमें 75 जापान, 1 जर्मनी और 30 युवा सऊदी अरब में हेल्थ, हॉस्पिटेलिटी और अन्य सेक्टर में काम कर रहे हैं. 

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अधिक से अधिक मौकों की खोज

धामी सरकार युवाओं को विभिन्न देशों में रोजगार के अधिकाधिक मौके उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटी है. हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आए जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा के साथ भी बैठक में तीनों देशों में रोजगार की संभावनाओं और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता पर विशेष तौर पर चर्चा की. अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीनों देशों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा.

मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन और वैश्विक रोजगार योजना प्रदेश सरकार की कसौटी पर खरी उतरी है. योजना की सफलता को देखते हुए विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है. युवाओं को वैश्विक मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जा रहा है. अधिकारियों को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

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