उत्तराखंड में मॉनसून की तेज बारिश ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं. भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हो रही हैं. बद्रीनाथ हाईवे कई जगहों पर बंद कर दिया गया है. वहीं, सुरक्षा को देखते हुए ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर भी रोक लगा दी गई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के निदेशक डॉ. सीएस. तोमर ने बताया कि उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में अब मॉनसून एक्टिव है. पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर में रात से बारिश का दौर जारी है. बागेश्वर में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने 2 जुलाई को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है.
बागेश्वर में मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों से सड़कों पर मलबा आ गया है. 14 ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं, जिससे करीब 50 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है. कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित है. प्रशासन जेसीबी और मशीनों की मदद से सड़कों से मलबा हटाने में जुटा है.
चमोली जिले में गुलाबकोटी के पास भारी मलबा आने से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया है. सड़क खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है. बद्रीनाथ में बुधवार दोपहर के बाद हुई झमाझम बारिश ने गर्मी से तो राहत दी है लेकिन अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. बारिश के चलते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही कम हो गई है. हालांकि, दर्शन जारी हैं.
वहीं, मॉनसून की पहली ही बारिश में बद्रीनाथ मार्ग गुलाबकोटी में बंद होने से यात्रियों की संख्या में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. बता दें कि मॉनसून के मौसम में बद्रीनाथ यात्रा पर मौसम का असर हमेशा पड़ता है. दरअसल, भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में अब प्रशासन भी यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करने की सलाह दे रहा है.
इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले में धारी देवी के पास सिरोबगड़ में ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे भी बंद हो गया है, जिससे चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालु हाईवे पर फंस गए हैं. मौसम खराब होने के कारण केदारनाथ धाम के लिए संचालित सभी आठ हेली सेवाओं पर फिलहाल 5 जुलाई तक रोक लगा दी गई है. जिला प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. मौसम की स्थिति के आधार पर रोक आगे भी बढ़ाई जा सकती है.
टिहरी में उफान पर नदियां, भूस्खलन से कई रास्ते बंद
टिहरी जनपद में लगातार जारी बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है. भिलंगना क्षेत्र के नैलचामी गाड़ में पानी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं. प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं. वहीं, कई स्थानों पर भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाओं से सड़के अस्थायी रूप से बंद हैं.
राज्य मार्ग-77 (नरेंद्रनगर–रानीपोखरी मोटर मार्ग) पर गुजराड़ा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर और मलबा आने के कारण मार्ग बंद हो गया है. थाना नरेंद्रनगर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग कर यातायात रोक लगाई और मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई.
वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर नगुण बैंड (थाना छाम क्षेत्र) के पास भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध हो गया. पुलिस ने तुरंत संबंधित विभाग और जेसीबी को सूचना देकर मार्ग खोलने का कार्य शुरू कराया गया.
टिहरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें. किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112 या स्थानीय पुलिस से तुरंत संपर्क करें.
बता दें कि बुधवार तक बागेश्वर में 98 मिमी, देहरादून में 62 मिमी, पिथौरागढ़ में 60 मिमी और चंपावत में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई है. राज्य के ज्यादातर इलाकों में अच्छी बारिश हुई है. IMD के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक राज्य के ज्यादातर इलाकों में मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं, कुछ जगहों पर भारी बारिश की उम्मीद है.
गंगा में पानी बढ़ने से राफ्टिंग बंद
इधर, ऋषिकेश में मॉनसून के मद्देनज़र राफ्टिंग गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. इसके बावजूद कुछ पर्यटक और राफ्ट संचालक जोखिम उठाकर नदी में उतरते दिखाई दिए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पत्थर गिरने से बंद, हटाया जा रहा मलबा
गुरुवार सुबह 09.44 बजे सेक्टर अधिकारी सोनप्रयाग ने जानकारी दी कि मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण यात्रा मार्ग अवरुद्ध हो गया है.जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग को जल्द खोलने के लिए संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मलबा और बड़े पत्थर हटाने के काम किया जा रहा है.
पहाड़ों से गिर रहींं चट्टानें
विकासनगर के यमुनोत्री-उत्तरकाशी नेशनल हाईवे पर बुधवार, 1 जुलाई को बारिश के दौरान पहाड़ी से एक विशाल पत्थर चलती कार पर गिर गया. हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उसमें सवार पूरा परिवार चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया. घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस, एमडीआरएफ और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर कार सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि जेसीबी की मदद से सड़क से मलबा और क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर यातायात बहाल किया गया.
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, खासतौर पर पहाड़ी रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने और मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.
इसके साथ ही मॉनसून की चुनौतियों से निपटने की तैयारियों के मद्देनजर 2 जुलाई को उत्तराखंड के कई स्थानों पर मॉकड्रिल होगी. जिसमें आपदा प्रबन्धन विभाग एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ मिलकर तैयारियों को भांपेगा.
अंकित शर्मा / प्रवीण सेमवाल