शिवपाल ने किया समाजवादी सेकुलर मोर्चे का ऐलान, कहा- सपा में न सम्मान-न पद

समाजवादी पार्टी में किनारे कर दिए गए शिवपाल यादव ने अपनी राजनीतिक राह चुन ली है. उन्होंने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने का ऐलान किया है और कहा कि अब मुलायम सिंह यादव तय करें कि उन्हें क्या करना है?

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शिवपाल यादव और अखिलेश यादव (फाइल फोटो) शिवपाल यादव और अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 29 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 3:02 PM IST

समाजवादी पार्टी में किनारे कर दिए गए शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने का ऐलान किया है. शिवपाल ने सपा के तमाम लोग जो पार्टी में उपेक्षित हैं और जिन्हें काम करने का मौका नहीं मिल रहा है. उन सभी को साथ लेकर चलने की बात कही है. उनके इस कदम पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि इसमें कुछ नया नहीं है.

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शिवपाल ने मोर्चे की घोषणा के साथ कहा है कि सपा में मुझे काम करने की जिम्मेदारी (पद) नहीं दी जा रही है और न ही कोई मौका दिया जा रहा है. ऐसे में मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा था. इसी के मद्देनजर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने का फैसला किया है.

शिवपाल के इस फैसले पर जब अखिलेश यादव से सवाल किया गया तो वे इसे टालते नजर आए. हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि इसमें कुछ नया नहीं है और जैसे-जैसे केंद्र व राज्य के चुनाव नजदीक आएंगे, ऐसी चीजें देखने को मिलेंगी. उन्होंने अमर सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस का नाम लिए बना कहा कि जो हुआ वो यही इशारा कर रहा है.

इससे पहले शिवपाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त ये तय होगा कि कौन कौन कहां चुनाव लड़ेगा. शिवपाल ने कहा कि अब मुलायम सिंह यादव तय करेंगे वो क्या फैसला करेंगे. चुनाव में उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारेंगे या नहीं इसका फैसला पार्टी करेगी.

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समाजवादी कुनबे में लंबे समय से चली आ रही कलह अब बगावत के रूप में सामने आ रही है. शिवपाल के सेक्युलर मोर्चा बनाने के बाद साफ हो गया है कि अब उन्होंने अपनी सियासी राह सपा से अलग चुन ली है. हालांकि पिछले डेढ़ साल से वे पार्टी में किसी भी पद पर नहीं हैं.

दरअसल अखिलेश यादव और शिवपाल के बीच रिश्ते में खटास  2017 में यूपी विधानसभा चुनाव के पहले आई थी. इसी का नतीजा था कि अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था. इसके बाद मुलायम कुनबे की लड़ाई सड़क पर आ गई थी.

हालांकि मुलायम सिंह यादव ने कई बार कुनबे को एक करने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके. इसी के चलते पिछले दिनों खबर आई कि शिवपाल बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. शिवपाल के करीबी माने जाने वाले अमर सिंह ने भी कहा था कि उन्होंने बीजेपी के बड़े नेता के साथ उनकी मीटिंग फिक्स कराई थी, लेकिन वे नहीं पहुंचे.

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