मोहन भागवत का ब्रिटेन दौरा, RSS ने कहा- 310 से ज्यादा सामाजिक संगठनों का मिला सर्मथन

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ब्रिटेन के लंदन में मंदिर, गुरुद्वारा और जैन मंदिर का दौरा किया. यह दौरा RSS की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर तीन देशों में चल रहे संपर्क अभियान का हिस्सा है. भागवत ने विभिन्न धार्मिक और सामुदायिक नेताओं से मुलाकात की और 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश दिया.

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मोहन भागवत के न्यूयार्क इवेंट को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ. मोहन भागवत के न्यूयार्क इवेंट को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ.

aajtak.in

  • लंदन,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने ब्रिटेन दौरे पर लंदन पहुंचे थे. शुक्रवार को संगठन की ओर से उनके कार्यक्रम की जानकारी दी गई. भागवत ने लंदन में मंदिर और गुरुद्वारे का दौरा किया.

इस दौरान उन्होंने धार्मिक और सामुदायिक प्रतिनिधियों से मुलाकात की. उनका यह दौरा RSS की स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर चल रहे तीन देशों के संपर्क अभियान का हिस्सा है.

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RSS के केंद्रीय कार्यकारी मंडल के सदस्य सुनील अंबेकर और Integral UK के संयोजक रोहित अंबेकर ने मीडिया को भागवत के कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भागवत ने विल्सडन स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर का दौरा किया. इसके अलावा वह खालसा जथा ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारा भी पहुंचे.

भागवत के लंदन दौरे में जैन मंदिर जाना भी शामिल है. संगठन के मुताबिक, इस दौरे का मकसद अलग अलग धर्मों और समुदायों के लोगों के साथ संवाद बढ़ाना है. भागवत धार्मिक नेताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और कई दूसरे प्रमुख लोगों से भी मुलाकात करेंगे.

‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश देने पर जोर

RSS का कहना है कि भागवत अपने दौरे में संगठन के सेवा कार्यों और सामाजिक सद्भाव से जुड़े अनुभव शेयर करेंगे. साथ ही वह ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, इस विचार को सामने रखेंगे.

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सुनील अंबेकर ने कहा कि लंदन का कार्यक्रम अमेरिका और कनाडा में भागवत के दौरे के दौरान दिए गए संदेश को आगे बढ़ाता है. RSS की शताब्दी के मौके पर यह तीन देशों में चल रहे संपर्क अभियान का हिस्सा है.

भागवत के ब्रिटेन दौरे का मुख्य कार्यक्रम रविवार को होगा. इस दिन  एकता के उत्सव की थीम पर सामुदायिक नेताओं के साथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसे ‘सभ्यतागत संवाद’ का नाम दिया गया है.

आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में ब्रिटेन की 310 से ज्यादा सामुदायिक संस्थाओं और संगठनों के शामिल होने की उम्मीद है. यह कार्यक्रम हिंदू स्वयंसेवक संघ UK ने आयोजित किया है. Integral UK भी इसमें सहयोग कर रहा है.

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कारोबार और राजनीति से जुड़े लोगों से भी मुलाकात

भागवत ने गुरुवार को बंद कमरे में कई बैठकें कीं. इसके अलावा भारतीय मूल के प्रमुख लोगों के साथ एक बड़ा कार्यक्रम भी हुआ. इसमें कारोबार और राजनीति से जुड़े लोग शामिल हुए. सुनील अंबेकर के मुताबिक, कार्यक्रम में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिकों के साथ ब्रिटेन के नेता भी मौजूद थे.

उन्होंने बताया कि इसमें संसद से जुड़े लोगों, कारोबारियों और बड़ी कंपनियों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया. हालांकि उन्होंने कार्यक्रम में शामिल लोगों के नाम बताने से इनकार किया.भागवत के ब्रिटेन दौरे को लेकर कुछ सामाजिक संगठनों और सांसदों की ओर से सवाल उठाए गए हैं. इस उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को गोपनीयता के साथ आयोजित किया गया था, ताकि बातचीत खुलकर हो सके.

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भागवत के ब्रिटेन दौरे को लेकर कुछ सामाजिक संगठनों और सांसदों की ओर से सवाल उठाए गए हैं. इस पर सुनील अंबेकर ने कहा कि लोकतंत्र में अलग अलग विचार होना सामान्य बात है. RSS शांति, एकता और आपसी संवाद के लिए यहां आया है.

उन्होंने कहा कि संगठन सभी लोगों के साथ बातचीत के लिए तैयार है. भारत और हिंदुत्व को लेकर कई गलतफहमियां हैं. भारत को केवल एक राजनीतिक राष्ट्र के रूप में नहीं समझा जा सकता. यह एक सांस्कृतिक विचार भी है.

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उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी एक धर्म तक सीमित विचार नहीं है. इसमें अलग अलग धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के सम्मान की बात है. RSS का मानना है कि भागवत का यह दौरा इन विचारों को समझने और गलतफहमियां दूर करने में मदद करेगा.

भागवत रविवार को ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे. उनका यह कार्यक्रम लाइव प्रसारित किए जाने की उम्मीद है. हालांकि ब्रिटिश मीडिया को उनके साथ सीधे सवाल जवाब का मौका नहीं दिया जाएगा.


 

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