यात्रा पर पथराव के बाद बोलीं वसुंधरा- मैं किसी से डरने वाली नहीं

गौरव यात्रा के दूसरे चरण पर निकली राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे की यात्रा पर पथराव के बाद वे वापस जयपुर लौट गईं. उन्होंने इस हमले को कांग्रेस के बड़े नेता के इशारे पर अंजाम देने का आरोप लगाया.

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गौरव यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत राजे ने जैसलमेर से की है (फाइल फोटो) गौरव यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत राजे ने जैसलमेर से की है (फाइल फोटो)

राहुल झारिया / शरत कुमार

  • जोधपुर ,
  • 26 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए गौरव यात्रा का दूसरा चरण भारी पड़ रहा है. अशोक गहलोत के इलाके जोधपुर संभाग में वसुंधरा की गौरव यात्रा पर कई जगह पथराव हुआ और सभा के दौरान अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे लगते रहे.

यात्रा जैसलमेर से निकलकर जोधपुर की तरह पहुंची ही थी और सुबह से विरोध का दौर शुरू हो गया था. रात करीब 9:45 पर पीपाड़ में गौरव यात्रा पर पथराव शुरु हुआ. इस पथराव में गौरव यात्रा के काफिले में शामिल कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं. चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ की गाड़ी को खासा नुकसान पहुंचा है.

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माहौल गरमाने के बाद ने यात्रा खत्म कर दी और जोधपुर एयरपोर्ट पर चार्टर मंगवा लिया. उन्हें रात्रि विश्राम कल जोधपुर में करना था, लेकिन वे तुरंत वहां से जयपुर के लिए रवाना हो गईं.

बताया जाता है कि हंगामा करने वालों में ज्यादातर निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल के समर्थक हैं. जो जाट जाति से हैं. वहीं, राजपूत समाज के लोगों ने भी कई जगह जाम लगाया और हंगामा किया. सीएम की यात्रा के पोस्टर फाड़ दिए गए.

हालांकि, डीआईजी राघवेंद्र सुहासा ने कहा है कि सब कुछ शांतिपूर्ण रहा और किसी को चोट नहीं लगी है. ओसियां में मुख्यमंत्री के पहुंचने से आधा घंटा पहले हंगामा कर रहे युवकों को खदेड़ दिया गया था .

वसुंधरा ने पथराव करने वाले और काला झंडे लगाने वालों को ललकारते हुए कहा, 'यह महिला विरोधी कृत्य है. काले झंडे दिखाने वालों और पत्थर फेंकने वालों से मैं डरने वाली नहीं हूं.' उन्होंने आरोप लगाया, 'कांग्रेस के बड़े नेता के इशारे पर राजस्थान गौरव यात्रा पर पथराव हुआ है. बौखलाहट में इस तरह का काम करने वाले लोगों ने प्रदेश में विकास के लिए कुछ नहीं किया है.'

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साथ ही राजे ने कहा, 'एक महिला को डराना चाहते हैं, लेकिन शायद वे यह भूल रहे हैं कि नारी शक्ति किसी से डरने वाली नहीं है. राजस्थान के लिए यदि मेरी जान भी चली जाए तो इसे मैं अपनी खुशकिस्मती समझूंगी.'

बता दें कि गौरव यात्रा की शुरुआत सीएम राजे ने मेवाड़ के ही राजसमंद से शुरू की थी. क्योंकि राजस्थान की राजनीति में ऐसा माना जाता है कि जो मेवाड़ जीतता है वही राजस्थान जीतता है.

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