एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड मामले में एक प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में सख्त एक्शन लेते हुए मानसा सब-डिवीजन के DSP हरजिंदर गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नीरज को सस्पेंड कर दिया गया है.
बता दें कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथों में ले ली है. सीबीआई की एक विशेष टीम ने कल रात ही मानसा पुलिस स्टेशन पहुंचकर सभी जरूरी रिकॉर्ड और जब्त किए गए सामान को अपने कब्जे में ले लिया है.
जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, एक वरिष्ठ DIG के नेतृत्व में CBI की टीम इस मामले की छानबीन कर रही है. इसके अलावा, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स, ड्रग कंट्रोलर्स और दूसरे विशेषज्ञ भी मानसा पहुंच रहे हैं, ताकि हत्याकांड से जुड़े हर पहलू और सबूतों की बारीकी से जांच की जा सके.
चंडीगढ़ में होगा पोस्टमार्टम
परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमार्टम अब चंडीगढ़ स्थित PGI में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम करेगी. इसके साथ ही, इस पूरी घटना की इनक्वेस्ट की कार्रवाई चंडीगढ़ में मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरी की जाएगी.
झोटा के परिवार से मिलने पहुंचे थे अमित शाह
इससे पहले 20 अक्तूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद मानसा पहुंचकर मृतक परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात की थी. गृह मंत्री ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया था.
क्या है पूरा मामला?
परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित और नशे की लत लगाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार आवाज उठाते थे. रिपोर्ट्स और शुरुआती FIR के मुताबिक, झोटा का एक केमिस्ट पर अवैध रूप से बेची जा रही नशीली दवाओं को लेकर विवाद हो गया था.
यह भी पढ़ें: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: अमित शाह के भरोसे के बाद एक्शन में CBI, मानसा पहुंचकर पुलिस से टेकओवर की फाइल
आरोप है कि मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार ने उनपर बेहद नजदीक से गोलियां चलाईं. इस फायरिंग में वो गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े और अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस ने केमिस्ट दुकान के मालिक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया है.
कमलजीत संधू