तमिलनाडु की राजनीति में धमाकेदार एंट्री करने वाले अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री थलापति विजय ने बहुत ही सधे और स्ट्रैटेजी के साथ अपने सियासी कदम बढ़ा रहे हैं. सीएम विजय ने अपने पहले ही बजट में Gen-Z के लिए खजाना खोल दिया है. Gen-Z के साथ युवा, महिला और मुसलमान पर भी विजय सरकार खास मेहरबान नजर आई.
थलापति विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार में वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने विधानसभा में बुधवार को अपना पहला बजट पेश किया. पहले बजट में शिक्षा, कल्याण, स्वास्थ्य सेवा और आर्थिक विकास पर खर्च करने की योजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई.
विजय सरकार अपने पहले बजट के जरिए साफ कर दिया है कि केवल एक स्टार पावर के सहारे नहीं, बल्कि एक स्पष्ट और समावेशी वैचारिक एजेंडे के साथ सरकार चलाने की प्लानिंग है. 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी रखा गया.
विजय सरकार ने चला 'ट्रिपल दांव'
तमिलनाडु विधानसभा में हंगामे के बीच विजय सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया. वित्त मंत्री एन मैरी विल्सन के द्वारा पेश किए गए बजट में युवाओं, छात्रों और महिलाओं पर खास ध्यान दिया गया है. विजय की सरकार ने युवाओं और महिलाओं के लिए कई ऐतिहासिक कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है और दावा किया है कि राज्य को 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के वित्तीय संकट से बाहर निकालने का प्लान है.
तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं (द्रविड़ वोटर बेस) की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है. ऐसे में सरकार बनने के बाद से सीएम विजय ने अपनी पार्टी ने महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा को अपने सियासी एजेंडे में सबसे ऊपर रखा है, जिसकी झलक पहले ही बजट में दिखी. विजय ने चुनाव के दौरान अपने भाषणों और प्रस्तावों में महिलाओं की सुरक्षा और समाज में उन्हें बराबर का हक दिलाने की बात पर विशेष जोर दिया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया.
विजय ने Gen-Z के लिए खोला खजाना
देश के बदलते सियासी माहौल में Gen-Z यानि नई पीढ़ी )1996 से 2012 के बीच जन्म लेने वाले) पर विजय सरकार खास मेहरबान नजर आ रही है. युवाओं और छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए विजय सरकार ने बजट में बड़ी घोषणाएं की हैं. 'वेट्री मणिकनिनी थिट्टम'के तहत कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए लैपटॉप योजना शुरू होगी, जिसके लिए बजट में 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सरकार इस मुफ्त लैपटॉप योजना के जरिए डिजिटल लर्निंग को मजबूत करना और उच्च शिक्षा में तकनीक तक पहुंच को बेहतर बनाने का है.
सूबे में शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों के कल्याण में सुधार के लिए सरकार ने घोषणा की कि प्रदेश में 'Gen-Z'के लिए 777 करोड़ रुपये मूल्य की साइकिलें, साथ ही हेलमेट और बोतल होल्डर बांटे जाएंगे. वित्त मंत्री वेल्सन ने 11वीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त साइकिल देने का ऐलान किया है, जिसके लिए 277 करोड़ रुपये बजट में आवंटित किया.
विजय सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के नाम पर सरकारी आवासीय स्कूल बनाए जाने की घोषणा की है, जिसके लिए 125 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसके साथ युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए 7 करोड़ रुपए की लागत से विशेष अभियान चलाया जाएगा.
विजय की सरकार ने इस दौरान एक बार फिर दोहराया कि वह NEET परीक्षा को रद्द कर दिया जाए. विजय सरकार ने केंद्र सरकार से इसे रद्द कर 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल दाखिले पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की. इस तरह विजय सरकार बजट के जरिए युवा और Gen-G को साधती नजर आई है.
महिलाओं को सोने की सिक्का देगी सरकार
विजय सरकार ने राज्य में महिलाओं को सियासी ताकत को देखते हुए खास मेहरबान नजर आ रही है. विजय सरकार ने अपने पहले ही बजट में महिलाओं के लिए 'सोने का सिक्का और रेशमी साड़ी योजना' के लिए 812 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है. बजट में विजय सरकार ने चुनाव में किए गए अपने वादों को पूरा करते हुए महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए 1 300 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का ऐलान किया है.
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि तमिलनाडु में शादी के दौरान लड़की को 8 ग्राम सोने का सिक्का और एक सिल्क साड़ी दी जाएगी. इस योजना की मंजूरी दे गई है. इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना के लिए 560 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
मिस्लिमों 35 हजार रुपये हज सब्सिडी मिलेगी
थलपति विजय सरकार ने बजट में मुस्लिम समुदाय का भी खास ख्याल रखा है. सरकार ने ऐलान किया है कि पहली बार हज यात्रा पर जाने वालों के लिए राज्य की हज सब्सिडी को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये दिया जाएगा. इस बढ़ी हुई सहायता का लाभ उन मुसलमानों को मिलेगा जो पहली बार हज यात्रा पर जा रहे हैं. इस तरह बजट में की गई नई घोषणा से आर्थिक सहायता के तौर पर 10,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब तमिलनाडु हज 2026 की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए राज्य हज कमेटी ने तमिलनाड से 4,065 यात्रियों हज के लिए चुना है. हालांकि, राज्य में 10,846 लोगों ने हज के लिए आवेदन किए थे, लेकिन कोटा फिक्स होने के चलते 4065 लोगों का नाम ड्रा में निकला है. इसमें पहली बार जो मुस्लिम हज के लिए जाएंगे, उन्हें ही सरकार की सब्सिडी का लाभ मिलेगा. केंद्रीय स्तर हज के लिए सब्सिडी बंद हो गई है.
तमिलनाडु में मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी खासी हिस्सेदारी है, जो आमतौर पर डीएमके का पारंपरिक वोट बैंक माने जाते हैं. सीएम विजय ने मुस्लिमअपनी पैठ बनाने के लिए खास तवज्जे दे रहे हैं. सेक्युलरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) और सामाजिक न्याय के एजेंडे पर चलते हुए मुसलमानों के लिए हज सब्सिडी को बढ़ाने का फैसला किया.
तमिलनाडु में विजय की लंबी पारी का प्लान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थलापति विजय ने अपनी पहली राजनीतिक रूपरेखा बजट के जरिए लोगों के सामने रख दिया है. सीएम किसी एक वर्ग विशेष तक सीमित रहने के बजाय सभी को साथ लेकर चलने की 'ऑल-इन्क्लूसिव'रणनीति अपनाई है. इसीलिए युवाओं, छात्रों के साथ महिलाओं और मुस्लिमों पर खास मेहरबान दिखी.
जयललिता और करुणानिधि के निधन के बाद से तमिलनाडु की राजनीति में जो खालीपन आया है, उसे ही भरने की कवायद में सीएम विजय जुटे हुए हैं. महिलाओं, युवाओं और मुसलमानों को अपने पहले ही सियासी दांव के केंद्र में रखकर उन्होंने यह जता दिया है कि वे सिर्फ पांच साल के लिए नहीं बल्कि लंबी राजनीति के लिए आए हैं.
कुबूल अहमद