कल चुनाव आयोग का घेराव, 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली... राहुल गांधी ने बनाया 'BOLD' प्लान

कांग्रेस 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव करेगी. इससे पहले आज दिल्ली के इंदिरा भवन में पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक हुई. इस बैठक के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने आंदोलन के दूसरे चरण का भी ऐलान कर दिया. ये अभियान 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच चलाया जाएगा. 

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कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने की तैयारी कर रही है. (File Photo- ITGD) कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने की तैयारी कर रही है. (File Photo- ITGD)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:54 PM IST

इन दिनों देश में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष मोर्चा खोले बैठा है. इसी कड़ी में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव करेगा. इससे पहले दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में पार्टी ने बड़ी बैठक की. इसके बाद अपने प्रदर्शन के दूसरे और तीसरे चरण का भी ऐलान किया.

कांग्रेस का मकसद सरकार और चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक मोर्चा खोलना है. इस उच्च स्तरीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी मौजूद रहे. देश भर की सभी राज्य इकाइयों के शीर्ष नेता, प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी, कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रमुख और प्रभारी भी इस महामंथन का हिस्सा बने.

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सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विरोध प्रदर्शनों का एजेंडा तैयार करना रहा. पार्टी 6 अक्टूबर को चुनाव घेराव करने वाली है, जिसे सफल बनाने के लिए बैठक में रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.

 'वोट बचाओ-देश बचाओ' के साथ अभियान जारी रहेगा

कांग्रेस ने इस हाई लेवल मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें ये जानकारी दी गई कि कांग्रेस अब देश भर में आने वाले कई दिनों तक लगातार अभियान चलाएगी. पार्टी अध्यक्ष ने सभी नेताओं को निर्देश दिया है कि इस लड़ाई को अब एक आक्रामक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाए, जिसका नारा 'वोट बचाओ-देश बचाओ' होगा.

कांग्रेस का यह भी संकल्प है कि इस विरोध को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक सरकार को झुकने पर मजबूर न कर दिया जाए. पार्टी इंडिया ब्लॉक के सभी घटक दलों को साथ लेकर आगे बढ़ने और मिलकर विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम कर रही है. इसके तहत सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष अपने-अपने राज्यों में विपक्षी दलों के साथ मिलकर सामूहिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे.

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8 अक्टूबर को कांग्रेस का मार्च

8 अक्टूबर को कांग्रेस का बड़ा मार्च होने वाला है. इस बैठक में मार्च की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने अपने इस आंदोलन के दूसरे और तीसरे चरण का भी ऐलान कर दिया है. दूसरे चरण का अभियान 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच चलाया जाएगा. इस दौरान ब्लॉक स्तर पर बाइक रैली, पदयात्रा और साइकिल रैली आयोजित की जाएंगी, ताकि आम जनता को साथ जोड़कर इस मुहिम को एक बड़ा जन आंदोलन बनाया जा सके.

वहीं, तीसरा चरण 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा. इस दौरान पार्टी गांव-गांव स्तर पर अभियान चलाएगी, जिसमें 'चौपाल' लगाई जाएंगी और इन्हें 'वोट रक्षक' नाम दिया गया है.

इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में अब तक की सबसे बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा. फिर 26 नवंबर को (संविधान दिवस) 'चलो दिल्ली' कार्यक्रम के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों से छह बड़ी यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनका नेतृत्व छह दिग्गज नेता करेंगे.

जन आंदोलन बनाने की कोशिश

कांग्रेस की रणनीति सिर्फ अपने दम पर विरोध करने की नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर तमाम विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की है. पार्टी चाहती है कि इस विरोध प्रदर्शन को एक बड़े 'जन आंदोलन' के रूप में बदला जाए, ताकि आम जनता की आवाज को और ज्यादा मजबूती से उठाया जा सके.

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कांग्रेस सूत्रों की मानें तो मीटिंग के दौरान राहुल गांधी ने नेताओं से कहा, 'हमें अलर्ट और एक्टिव रहना होगा और ये लड़ाई लड़नी होगी. बोल्ड होना चाहिए, आक्रामक होना चाहिए, लगे रहना चाहिए.'

यह भी पढ़ें: क्या आजम खान पर है कांग्रेस की नजर? स्वामी प्रसाद मौर्य की रामपुर यात्रा से अटकलें

बैठक में सिर्फ आगामी दो कार्यक्रमों पर ही नहीं, बल्कि इसके बाद आंदोलन के अगले चरणों और भावी रणनीतियों पर भी मंथन चल रहा है.

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