मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक लगभग ढाई घंटे तक चली, जिसमें कई नेताओं ने राहुल गांधी की तारीफ़ की. कांग्रेस के नेताओं ने SIR प्रक्रिया और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की ओर समय रहते ध्यान दिलाने के लिए उनकी सराहना की.
बैठक में पार्टी की भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श हुआ, साथ ही बीच-बीच में हल्की-फुल्की बातचीत और हंसी-मजाक का माहौल भी रहा.
बगैर कांग्रेस मेरी पहचान नहीं: राहुल
एक सीनियर नेता ने बताया कि बैठक का माहौल काफी चार्ज लेकिन सकारात्मक था. कई नेताओं ने राहुल गांधी की तारीफ़ की कि उन्होंने चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ तब आवाज़ उठाई, जब बहुत कम लोगों को इस मुद्दे की उम्मीद थी.
एक नेता ने बताया कि राहुल गांधी ने CWC सदस्यों से कहा, "हम चुनाव आयोग की गड़बड़ियों को उजागर करते रहे हैं. अब PM और HM को देखकर लगता है कि उन्हें समझ आ गया है कि उनकी सत्ता जाने वाली है. आपको भी यह बात समझनी चाहिए. कांग्रेस पर भरोसा रखें और जिन मुद्दों के लिए हम लड़ रहे हैं, उन्हें और मज़बूती से आगे बढ़ाएं."
जब एक नेता ने कहा कि इसका श्रेय राहुल गांधी को जाता है, तो राहुल ने जवाब दिया, "इसका श्रेय कांग्रेस को जाता है. कांग्रेस के बिना मेरी कोई पहचान नहीं है."
कांग्रेस किसी के सहारे नहीं: प्रियंका
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में इस मुद्दे पर चर्चा हुई कि कैसे इस लड़ाई को जमीन पर ले जाया जाए और इसे लोगों के आंदोलन में बदल दिया जाए. इस दौरान CJP आंदोलन की भी चर्चा हुई और इस्तीफे की मांग पर भी चर्चा हुई.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने जवाब दिया कि कांग्रेस किसी पर निर्भर नहीं है और लगातार यह लड़ाई लड़ रही है.
एक नेता ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा, "प्रियंका जी ने बहुत साफ़ कहा कांग्रेस किसी के सहारे नहीं है." हम शुरू से ही यह मुद्दा उठाते रहे हैं, और हम अकेले यह लड़ाई लड़ने में सक्षम हैं. हमें किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है.”
इस नेता ने आगे कहा कि CWC के एक और सदस्य ने टिप्पणी की कि CEC ज्ञानेश कुमार “बहुत अड़ियल” हैं और कभी इस्तीफ़ा नहीं देंगे.
नेताजी ने आगे का वाकया बताया और कहा, “प्रियंका जी ने तुरंत जवाब दिया वह इस्तीफ़ा क्यों नहीं देंगे? क्या धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा नहीं दिया था? उन्हें देना ही पड़ा. हम सड़कों पर आंदोलन जारी रखेंगे और तब तक दबाव बनाए रखेंगे जब तक उन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर न कर दिया जाए.”
खड़गे-राहुल के बीच हल्के-फुल्के पल, CWC में गूंजा ठहाका
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई हल्की-फुल्की नोकझोंक पर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में नेता ठहाके लगाने लगे.
बैठक में मौजूद एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने राहुल गांधी के प्रति समर्थन जताते हुए कहा, “हम आपके पीछे चल रहे हैं.”
यह सुनकर राहुल गांधी मुस्कुराए और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “बहुत पीछे तो नहीं हैं?”
राहुल के इस जवाब पर कमरे में मौजूद नेताओं के बीच हंसी छूट गई.
इसके बाद खड़गे ने जवाब दिया, “हम आपके साथ चल रहे हैं.”
बैठक के दौरान यह हल्का-फुल्का पल रहा, जिसने खड़गे और राहुल गांधी के बीच आपसी तालमेल और रिश्ते की झलक भी दिखाई.
दूसरा दौर: खड़गे का थरूर पर तंज
हंसी-मजाक का माहौल तब और बना जब शशि थरूर ने सुझाव दिया कि कांग्रेस को महात्मा गांधी की जयंती पर कोई कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो बीजेपी इस मौके का इस्तेमाल अपनी छवि बनाने के लिए कर सकती है.
तभी खड़गे ने थरूर की ओर मुड़कर पूछा कि अगर पार्टी ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित करती है, तो क्या वे सच में उसमें शामिल होंगे या फिर उन्हें सिर्फ़ X पर देखा जाएगा और अखबारों में उनके लेख पढ़े जाएंगे.
एक नेता ने आजतक को बताया, "खड़गे जी ने तुरंत डॉ. थरूर से पूछा कि क्या वे पार्टी के ऐसे किसी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, या उन्हें सिर्फ़ X पर देखा जाएगा और अख़बारों में उनके लेख पढ़े जाएंगे. यह एक हल्की-फुल्की टिप्पणी थी, लेकिन इससे कई नेताओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वे हंस पड़े. खड़गे जी की बातें भले ही कभी-कभी मजाक में कही जाती हों, लेकिन उनमें गहरे राजनीतिक मायने छिपे होते हैं."
यह पहली बार नहीं है जब मल्लिकार्जुन खड़गे ने शशि थरूर पर तंज कसा है.
इससे पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी की एक बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने थरूर पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा था कि "अच्छे दिखने वाले नेता" जो टीवी पर लोकप्रिय हैं और अखबारों में लेख लिखते हैं उन्हें भी "शुद्धिकरण" के मुद्दे को उसी भावना के साथ उठाना चाहिए था.
मौसमी सिंह