तमिलनाडु में नए एयरपोर्ट के लिए दो जगहें चुनी गई हैं. परंदूर प्रोजेक्ट रद्द होने के कुछ दिन बाद विजय सरकार ने मनल्लोर और चेय्यूर को संभावित जगहों के तौर पर चुना है. सूत्रों ने रविवार को इंडिया टुडे को यह जानकारी दी.
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने एक हफ्ते के भीतर इन दोनों जगहों की पहचान की है. दोनों जगहों पर एयरपोर्ट बनाना कितना सही रहेगा, इसकी जांच के लिए प्रस्ताव भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को भेजा गया है. प्रस्तावित एयरपोर्ट चेन्नई महानगरीय क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगा.
मनल्लोर और चेय्यूर में क्या खास?
तय की गई जगहों में मनेल्लूर चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर है. वहीं चेय्यूर शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर पड़ता है. अभी इनमें से किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. एयरपोर्ट अथॉरिटी पहले दोनों जगहों की पड़ताल करेगी, फिर तय होगा कि रनवे और टर्मिनल के लिए कौन सी जमीन सबसे बेहतर है.
क्यों रद्द हुआ परंदूर एयरपोर्ट?
चेन्नई के पास परंदूर में बनने वाले नए एयरपोर्ट का काम हाल ही में रोक दिया गया. सीएम विजय ने विधानसभा में साफ कहा था कि यह फैसला किसानों की भलाई के लिए लिया गया है. उनका कहना था कि शहर के बढ़ते कारोबार और माल ढुलाई के लिए दूसरा हवाई अड्डा जरूरी तो है, लेकिन यह ऐसी जगह बनना चाहिए जिससे किसानों के खेत और लोगों के घर न उजड़ें. परंदूर चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे के पास है, जो श्रीपेरंबदूर से करीब 28 किलोमीटर दूर पड़ता है.
जमीन और पर्यावरण को लेकर छिड़ी बहस
पुराना फैसला बदलते ही विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया. इसके जवाब में ऊर्जा संसाधन मंत्री आर निर्मल कुमार ने विधानसभा में कहा कि पिछली सरकार का यह दावा गलत था कि 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. सच तो यह था कि प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण से जुड़ी जरूरी मंजूरी तक नहीं ली गई थी.
प्रोजेक्ट के लिए कुल 5,846 एकड़ जमीन की जरूरत थी, जिसमें 2,681 एकड़ उपजाऊ खेती की जमीन शामिल थी. सरकारी जमीन पर भी कई तालाब और नहरें थीं. अब तक केवल आधी जमीन ही ली जा सकी थी, कई गांवों में तो काम शुरू भी नहीं हुआ था. यही वजह है कि सरकार ने परंदूर का झंझट छोड़कर मनेल्लूर और चेय्यूर का नया रास्ता चुना है.
अब परंदूर की जगह मनल्लोर और चेय्यूर में से किस जगह को नए एयरपोर्ट के लिए चुना जाएगा, इस पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की जांच के बाद फैसला होगा.
प्रमोद माधव