संसद के मॉनसून सत्र का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट चढ़ गया है. शुक्रवार को भी दोनों सदनों में चर्चा की शुरुआत नहीं हो सकी और कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने का ऐलान चेयर से कर दिया गया. राज्यसभा में शुक्रवार को कार्यवाही स्थगित होने से पहले गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया.
विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच पेश हुए इस बिल पर चर्चा की शुरुआत नहीं हो सकी. हंगामे के कारण उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही न27 जुलाई, सोमवार को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. इस बिल के जरिये राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान जन गण मन की ही तरह राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को भी कानूनी सुरक्षा देने का प्रावधान जोड़ा जाना है.
यह भी पढ़ें: राज्यसभा में हंगामे के बीच वंदे मातरम् बिल पेश, कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित
इस बिल के संसद से पारित हो जाने, कानून बन जाने के बाद वंदे मातरम् गाने में बाधा डालने पर भी वही कार्रवाई होगी, जो अब तक राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर होती है. वंदे मातरम् के अपमान का दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को तीन साल तक जेल, जुर्माना या फिर जेल और जुर्माना, दोनों सजा हो सकती है. सरकार इसे वंदे मातरम् का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम बता रही है.
यह भी पढ़ें: नियम 167 vs 267: क्यों अड़ा है विपक्ष? जानिए राज्यसभा में चर्चा के नियमों का पूरा गणित
वहीं, लेफ्ट पार्टियां इस बिल का विरोध कर रही है. इससे पहले, राज्यसभा की कार्यवाही 11 बजे जब शुरू हुई, विपक्ष के हंगामे के बीच ही लिस्टेड बिजनेस लिए गए और फिर कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. 12 बजे दूसरी बार कार्यवाही शुरू हुई और हंगामा जारी रहा. कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. दो बजे तीसरी बार कार्यवाही शुरू होने पर हंगामे के बीच ही यह बिल पेश हुआ.
aajtak.in