ट्रैक्टरों में लगाए हाइड्रोलिक टूल्स, आंदोलन के लिए किसानों ने भी बनाई रणनीति

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने किसानों के बड़े पैमाने पर आंदोलन की आशंका जताते हुए दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में अधिकारियों को सतर्क कर दिया है, जिसमें 5,000 से अधिक ट्रैक्टर शामिल होंगे. लगभग 25,000 किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा के विभिन्न जिलों से दिल्ली तक मार्च करने की योजना बनाई है.

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गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने की रोड ब्लॉक गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने की रोड ब्लॉक

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:05 AM IST

13 फरवरी (मंगलवार) को होने वाले किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च के मद्देनजर राजमार्गों पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड और बोल्डर को हटाने के लिए संशोधित ट्रैक्टरों का उपयोग किया जाएगा. हरियाणा और दिल्ली में अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के प्रवेश को रोकने के लिए कंक्रीट ब्लॉक, सड़कों पर स्पाइक अवरोधक और कांटेदार तार लगाकर पड़ोसी राज्यों के साथ सीमाओं को सील किया है. निषेधाज्ञा के अलावा, प्रदर्शनों या ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से मार्च को रोकने के लिए हजारों पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.

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इस बीच, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने किसानों के बड़े पैमाने पर आंदोलन की आशंका जताते हुए दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में अधिकारियों को सतर्क कर दिया है, जिसमें 5,000 से अधिक ट्रैक्टर शामिल होंगे. लगभग 25,000 किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा के विभिन्न जिलों से दिल्ली तक मार्च करने की योजना बनाई है.

बैरिकेड्स को हटाने के लिए किसानों ने की तैयारी
समाचार एजेंसी एएनआई ने केंद्रीय खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से कहा, "बैरिकेड्स को हटाने के लिए ट्रैक्टरों में हाइड्रोलिक उपकरण लगाए गए हैं, आंसू गैस के गोले से लड़ने के लिए आग प्रतिरोधी हार्ड-शेल ट्रेलर तैयार किए जा रहे हैं. उन्होंने इन संशोधित वाहनों के साथ अभ्यास भी किया है."

अधिकारी ने यह भी कहा कि अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनकारी किसानों को स्थल तक पहुंचाने के लिए इन मशीनों की हॉर्सपॉवर दोगुनी कर दी गई है. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और विभिन्न किसान संघों, ज्यादातर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से, ने केंद्र पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए एक विरोध मार्च का आयोजन किया है. उनकी प्रमुख मांगों में फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने के लिए एक कानून लागू करना शामिल है.

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हरियाणा में इंटरनेट बैन, रोड ब्लॉक और धारा 144 लागू
इस बीच, हरियाणा सरकार ने 15 जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू की है. चंडीगढ़ प्रशासन ने भी प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर शहर में 60 दिनों की अवधि के लिए धारा 144 लागू कर दी है.अंबाला के पास शंभू सीमा पर, अधिकारियों ने सड़क पर कंक्रीट ब्लॉक, रेत की बोरियां, कंटीले तार और दंगा-रोधी वाहन रखे हैं. प्रदर्शनकारियों को घग्गर फ्लाईओवर से पुलिस बैरिकेड फेंकने से रोकने के लिए इसके दोनों किनारों पर लोहे की चादरें लगाई गई हैं.

इसके अतिरिक्त, वाटर कैनन और वज्र वाहनों को तैनात किया गया है, और वाहनों की आवाजाही में बाधा डालने के लिए नीचे घग्गर नदी के तल की खुदाई की गई है. हरियाणा सरकार ने 11 से 13 फरवरी तक अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जिंद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा समेत सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और बल्क एसएमएस निलंबित कर दिए हैं.

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