जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले से चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उसके खिलाफ POCSO, BNS और IT एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज हैं. केस में नाबालिग से जुड़े यौन उत्पीड़न, पीछा करने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, आपराधिक धमकी समेत आरोप लगाए गए हैं. सामने आया है कि स्वतंत्र भारद्वाज की एक और दिन की रिमांड बढ़ाई गई है.
इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था. उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पटियाला हाउस कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की सुनवाई सोमवार को संबंधित कोर्ट में होगी.
इससे पहले जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले को लेकर नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद नाबालिग पीड़िता के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे थे. इसके बाद पुलिस ने नाबालिग से जुड़ी शिकायत पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज की थी.
जंतर-मंतर की मारपीट से गरमाया था मामला
यह विवाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के बाद सामने आया था. इस घटना में संजय आजाद के साथ मारपीट का आरोप लगा था. बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर इस घटना में संजय कुमार का सिर फोड़ने की बात कहते सुनाई दिए थे. वीडियो में 60 टांके लगने का दावा भी किया गया था.
वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया. इस बीच उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आए. चिराग पासवान ने भी कहा था कि स्वतंत्र ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है. उन्होंने उसके खिलाफ शिकायत की बात कही थी.
फिलहाल, गिरफ्तारी के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. कोर्ट ने उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब मामले की सुनवाई संबंधित कोर्ट में सोमवार को होगी.
अंशुल सिंह