सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को एक बड़ा निर्देश दिया है. अदालत ने गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के ब्लॉक किए गए ऑफिशियल इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट्स को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है.
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने ये फैसला आम आदमी पार्टी की याचिका पर सुनाया. आम आदमी पार्टी ने गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले अपने सोशल मीडिया पेजों को ब्लॉक किए जाने के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने मेटा को दोनों सोशल मीडिया अकाउंट्स से बैन हटाने का निर्देश दिया. हालांकि, अदालत ने अपने आदेश में पूरी तरह साफ किया है कि ये बहाली सिर्फ आपत्तिजनक पोस्टों को हटाने की शर्त पर ही लागू होगी.
बिना पूर्व सूचना ब्लॉक करने पर उठाए सवाल
अदालत में सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट शादान फरासत ने मजबूती से पक्ष रखा. उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के पूरे सोशल मीडिया पेज को बिना किसी पूर्व सूचना, सुनवाई का मौका दिए या कारण बताए ब्लॉक कर देना पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई राजनीतिक अभिव्यक्ति के हक और आनुपातिकता के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है.
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24 अप्रैल को लगाया गया था बैन
आम आदमी पार्टी के इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) के तहत कार्रवाई की गई थी. एक सरकारी या कानून प्रवर्तन एजेंसी के अनुरोध के बाद 24 अप्रैल 2026 को गुजरात AAP के इंस्टाग्राम और फेसबुक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी के इस अंतरिम आवेदन को स्वीकार करते हुए राहत दे दी है. वहीं, अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है.
संजय शर्मा