'नफरत पर योगी हमें लेक्चर देंगे', टू लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर स्टालिन ने किया यूपी CM पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान तमिलनाडु में भाषा नीति और परिसीमन के विरोध को लेकर बयान दिया था. उन्होंने भाषा विवाद को छोटी राजनीतिक सोच करार देते हुए कहा था कि स्टालिन धर्म और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनका वोटबैंक खिसक रहा है.

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योगी आदित्यनाथ और एमके स्टालिन योगी आदित्यनाथ और एमके स्टालिन

प्रमोद माधव

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 2:49 PM IST

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन और लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. 

स्टालिन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तमिलनाडु की भाषा नीति और निष्पक्ष परिसीमन की मांग आज पूरे देश में गूंज रही है. बीजेपी इससे परेशान है,  उनके नेताओं के इंटरव्यू देखने से पता चलता है. और अब माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमें नफरत पर भाषण देना चाहते हैं? हमें बख्श दीजिए. ये तो राजनीतिक कॉमेडी हो गई. हम किसी भाषा का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि हम थोपने और अंधराष्ट्रीयता का विरोध कर रहे हैं. यह वोट बैंक की राजनीति नहीं बल्कि न्याय और स्वाभिमान की लड़ाई है.

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बता दें कि हाल ही में एक इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु में भाषा नीति और परिसीमन के विरोध को लेकर बयान दिया था. उन्होंने भाषा विवाद को छोटी राजनीतिक सोच करार देते हुए कहा था कि स्टालिन धर्म और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनका वोटबैंक खिसक रहा है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि भाषा को लोगों को एकजुट करना चाहिए न कि बांटना चाहिए. उन्होंने बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की सलाह दी.

बता दें कि तमिलनाडु की डीएमके सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन भाषा नीति का विरोध कर रही है. इसके साथ ही डीएमके सरकार परिसीमन को आबादी के आधार पर करने का भी विरोध कर रही है.

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