लोकसभा में बुधवार को कार्यवाही की शुरुआत हंगामेदार हुई. प्रश्नकाल के दौरान एफसीआरए के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी. वहीं, कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सदन का माहौल 360 डिग्री उलट खुशगवार नजर आया. स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य के सुरेश से लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के निशिकांत दुबे तक, सदस्यों की चुटकी ली. इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य ठहाके लगाते भी नजर आए.
दरअसल, दोपहर 12 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, स्पीकर ने सदन को कुछ सदस्यों की ओर से स्थगन प्रस्ताव के नोटिस मिलने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मुझे मुरारीलाल मीणा, वीरेंद्र सिंह, मनीष तिवारी, डॉक्टर प्रशांत यादव पडोले, राजेश रंजन, के राधाकृष्णन, हिबी ईडन, के सुरेश, एडवोकेट के जॉर्ज, एडवोकेट डीन कुरियाकोस, हनुमान बेनीवाल, सौगत रॉय. इन सदस्यों की ओर से स्थगन प्रस्ताव की सूचना मिली है. स्पीकर ने कहा कि किसी भी सूचना को अनुमति नहीं दी है.
इस पर किसी ने कुछ कहा. स्पीकर ने कहा कि आपका नाम तो लेना ही पड़ेगा न. आप सबसे वरिष्ठ नेता हैं सुरेश जी. विपक्ष की ओर से किसी सदस्य ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना को अनुमति देने की डिमांड कर दी. इस पर स्पीकर ने कहा कि हंगामा नहीं करते, तो देता. स्पीकर ने कहा कि मैंने कहा था कि हंगामा मत करो. आपको 12 बजे शून्यकाल में जवाब दूंगा, लेकिन मणिक्कम टैगोर जी ने कहा कि हमको.
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उन्होंने आगे कहा कि मैंने आज किसी भी स्थगन प्रस्ताव की सूचना को मंजूरी नहीं दी है. सदन में सबको अवसर मिले, पर्याप्त मिले, लेकिन अब मैं जो देख रहा हूं. स्पीकर ने कहा कि जो सदस्य केवल बोलने आते हैं और बोलने के बाद चले जाते हैं, मैं नोट कर रहा हूं. उनको मौका नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि निशिकांत दुबे सबसे लंबे बैठते हैं. इस पर विपक्षी बेंच से किसी सदस्य ने कहा कि सदन भी स्थगित निशिकांत दुबे ही कराते हैं.
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स्पीकर ने निशिकांत दुबे से मुस्कराते हुए कहा- ये क्या कह रहे हैं आपके लिए. सबसे ज्यादा सदन स्थगित भी आप ही कराते हैं. निशिकांत दुबे अपनी सीट पर खड़े हुए और फिर मुस्कराकर बैठ गए. उन्होंने आगे कहा कि यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है. इसमें सबके विचार आते हैं और लोकतंत्र उतना ही मजबूत होता है. इसलिए सबको मौका मिलेगा. स्पीकर ने इसके बाद लिस्टेड बिजनेस लिए. इस दौरान प्रश्नकाल के दौरान गर्मा-गर्मी भरा नजर आया सदन का माहौल हल्का नजर आया.
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