केरल सरकार के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला इंडिया टुडे राउंडटेबल 'केरलम' में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन तुफान, शबरीमला गोल्ड केस, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप, छात्र प्रदर्शनों, सरकार की चुनौतियों और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं समेत कई मुद्दों पर बात की.
रमेश चेन्निथला ने कहा कि जब वह विपक्ष में थे, तभी उन्हें केरल में नशे की समस्या की गंभीरता का अंदाजा हो गया था. उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्होंने राज्य के 14 जिलों में एक जागरूकता पदयात्रा की थी. इसके बाद उन्होंने तय किया था कि अगर उन्हें सरकार में काम करने का मौका मिला तो वह नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाएंगे.
गृह मंत्री बनने के बाद उन्होंने 'ऑपरेशन तुफान' शुरू किया. उन्होंने इसे नशे के खिलाफ बड़े अभियान के तौर पर पेश किया. केरल पुलिस के इस अभियान की शुरुआत 1 जून 2026 से हुई थी और इसका उद्देश्य राज्य में ड्रग तस्करी और नशे के कारोबार पर कार्रवाई करना है. चेन्निथला ने कहा कि अभियान का असर लोगों के बीच दिखाई दे रहा है और खासकर माता-पिता तथा महिलाओं से इसे व्यापक समर्थन मिल रहा है.
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सबरीमला गोल्ड केस पर बोले- किसी को नहीं बचाया जाएगा
सबरीमला गोल्ड केस को लेकर चेन्निथला ने कहा कि सरकार किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि जांच अदालत की निगरानी में चल रही है और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की जाएगी. उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी.
पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार से जुड़े मामलों में कार्रवाई के सवाल पर चेन्निथला ने कहा कि हाल में राज्य सरकार को कुछ जानकारी मिली है, जिसे कानूनी राय के लिए एडवोकेट जनरल के पास भेजा गया है. उन्होंने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय के अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि राज्य सरकार के स्तर पर भ्रष्टाचार निवारण कानून से जुड़े पहलुओं पर कानूनी राय ली जा रही है.
चेन्निथला ने कहा कि कानूनी राय मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जाएगा.
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'राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं करेंगे'
जब उनसे पूछा गया कि क्या पिनराई विजयन के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक बदले के रूप में देखी जा सकती है, तो चेन्निथला ने इससे इनकार किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस बदले की राजनीति में विश्वास नहीं करती. उनके मुताबिक, सरकार को कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई सबूत और कानून के आधार पर ही होनी चाहिए.
SFI प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और पानी की बौछार का मुद्दा
केरल में SFI कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी चेन्निथला से सवाल किया गया. उनसे दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और केरल में SFI पर पुलिस कार्रवाई के बीच अंतर को लेकर पूछा गया. चेन्निथला ने कहा कि दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं. उन्होंने कहा कि केरल में पुलिस ने पानी की बौछार जैसे सामान्य भीड़-नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार छात्रों के खिलाफ गोली या पैलेट गन जैसे कठोर तरीकों का इस्तेमाल नहीं करेगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि हिंसक प्रदर्शन की स्थिति में पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी होगी.
चेन्निथला से उनके और मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के राजनीतिक समीकरण पर भी सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राजनीति में सत्ता आती-जाती रहती है. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और पार्टी के लिए काम करते रहे हैं. उनके मुताबिक, उनके साथ काम करने वाले कई नेता बाद में अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री बने. फिलहाल महत्वपूर्ण यह है कि वह सरकार में रहते हुए केरल के लोगों के लिए काम करें और उन्हें सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल दें.
क्या मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा खत्म हो गई?
जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़ दी है, तो चेन्निथला ने कहा कि राजनीति में रहने वाला कोई भी व्यक्ति सत्ता की भूमिका की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि वह राजनीति में इसलिए हैं क्योंकि सत्ता के जरिए लोगों के लिए काम किया जा सकता है. हालांकि, फिलहाल उनकी प्राथमिकता गृह मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाना और राज्य के लोगों को बेहतर कानून-व्यवस्था देना है.
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक स्थिति
सरकार की सबसे बड़ी चुनौती के सवाल पर चेन्निथला ने वित्तीय संकट को प्रमुख मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि नई सरकार को जनता से बड़ी उम्मीदों के साथ भारी जनादेश मिला है, लेकिन राज्य की आर्थिक स्थिति एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय संबंधों को लेकर भी सवाल उठाया. चेन्निथला ने कहा कि केंद्र को राज्यों को अधिक वित्तीय अधिकार और संसाधन देने चाहिए. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या केंद्र केरल के साथ भेदभाव कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि इस पर अभी अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी और कुछ समय इंतजार करना चाहिए.
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