'हाइड्रोजन बम बता रहे थे, दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ', राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह का वार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उनके हाइड्रोजन बम वाले दावे को फुस्स बताया. उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग, संवैधानिक संस्थाओं और राजनीतिक टकराव को लेकर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी को रुकावट की राजनीति छोड़कर संवाद और राष्ट्र निर्माण चुनने की सलाह दी.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. (Photo- @BJP4India) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. (Photo- @BJP4India)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी को हाइड्रोजन बम बताकर पूरे देश में शोर मचाया था, लेकिन उनका तथाकथित हाइड्रोजन बम दीवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ.

राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने कभी 70 साल की महिला को दो जगह का मतदाता बताया तो कभी 35 साल की महिला को 124 साल का मतदाता बना दिया. उन्होंने सामान्य नागरिकों को फर्जी मतदाता बताकर बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन वोट चोरी का हर मामला झूठ और राजनीतिक नाटक निकला.

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राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी राजनीतिक टकराव को साधन बना रहे हैं और देश के नौजवानों से टकराव कराने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन, विरोध और सड़क से रास्ता निकालने जैसे शब्दों का इस्तेमाल बताता है कि यह अराजकता पैदा करके सत्ता हथियाने की लड़ाई है. यह भारत की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने की कोशिश है.

राहुल गांधी को संवाद का रास्ता चुनना चाहिए- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को समझना होगा कि किसी को अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं दिया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी यही दिखाती है. राहुल गांधी को रुकावट की राजनीति के बजाय संवाद और राष्ट्र निर्माण का रास्ता चुनना चाहिए.

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राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के समय की इमरजेंसी, 1984 में सिखों के नरसंहार और कार सेवकों पर गोली चलाने का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि आज संवैधानिक संस्थाओं को चोट पहुंचाई जा रही है और राहुल गांधी संविधान को जेब में रखकर अराजकता फैला रहे हैं.

कांग्रेसकाल के चुनाव आयुक्तों का किया जिक्र

राजनाथ सिंह ने चुनाव आयोग को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1990 में रातोंरात 2 चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे. नवीन चावला को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया और गंभीर आरोप लगने पर कांग्रेस ने उन्हें बचाया. उन्होंने कहा कि एमएस गिल को कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया था और बाद में वह दो बार केंद्र में मंत्री बने.

राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले मतदाता पहचान पत्र के बिना चुनाव होते थे. जब से मतदाता पहचान पत्र आया है, कांग्रेस के लिए बहुमत दूर की कौड़ी हो गया है और वह कभी अकेले सत्ता में नहीं आ पाई. उन्होंने पूछा कि यह वोट चोरी थी या कामचोरी. उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है और उन पर कभी शक नहीं किया.

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राजीव गांधी की मृत्यु पर पूरा चुनाव किया गया रद्द- रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह ने सवाल किया कि एक उम्मीदवार की मृत्यु पर पूरे चुनाव स्थगित नहीं होते, फिर राजीव गांधी की मृत्यु के बाद पूरा चुनाव क्यों स्थगित किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंसा और सत्ता परिवर्तन जैसे हथकंडों से अपनी हार का बदला लेना चाहती है और बांग्लादेश जैसे हालात बनाना चाहती है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या वह समाजवादी पार्टी के बिना अमेठी जीत सकते हैं. कांग्रेस दफ्तर में हुई मारपीट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी अराजकता देखनी चाहिए. राजनाथ सिंह ने कहा कि वोट चोरी का दावा नाकाम रहा और राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम फुस्स साबित हुआ.

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