बीजेपी प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दों पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में लगातार बाधाएं डाली जा रही हैं और लगभग किसी बिल पर चर्चा नहीं हो पा रही है. उनके मुताबिक, इसके पीछे कांग्रेस और इंडिया अलायंस के कुछ दलों का रवैया है. उन्होंने कर्नाटक और झारखंड का जिक्र कर कांग्रेस पर सेलेक्टिव आउटरेज का आरोप लगाया.
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष चुनिंदा तरीके से नाराजगी दिखा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक तरफ छात्रों के मुद्दों पर शोर मचाया जाता है, वहीं कर्नाटक और झारखंड जैसे मामलों में कांग्रेस चुप नजर आती है. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी अब तक कर्नाटक के मामले पर चुप हैं और आज भी शायद पार्लियामेंट चलने नहीं देंगे.
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संबित पात्रा ने कर्नाटक की पुलिस कांस्टेबल भर्ती के पेपर लीक और अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब छात्रों ने आंदोलन किया और मीडिया ने गृह मंत्री प्रियंक खड़गे से पूछा कि क्या वह इसकी जिम्मेदारी लेंगे. संबित पात्रा ने कहा कि तब उन्होंने अहंकार भरे अंदाज में कहा, 'पहले छात्रों को 25 दिन उपवास करने दो, 25 दिन का हंगर स्ट्राइक करने दो, फिर हम लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद मैं अपने रेजिग्नेशन के विषय में चिंता करूंगा.'
झारखंड में भी हो रहा प्रदर्शन लेकिन राहुल गांधी चुप हैं- संबित पात्रा
संबित पात्रा ने इस बयान को इंसेंसिटिव और अमानवीय बताया. उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में घंटों भाषण देते हैं, लेकिन उसी मुद्दे पर उनके बेटे के इस बयान पर वह, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पूरी तरह चुप हैं. संबित पात्रा ने झारखंड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां सोशल मीडिया के जरिए हजारों-लाखों छात्र हर दिन आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उनके पक्ष में एक शब्द बोलती नजर नहीं आ रही है. उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में भी यह मुद्दा नहीं उठाया गया.
संबित पात्रा ने पूछा कि क्या मकर द्वार पर किसी कांग्रेस सांसद के हाथ में झारखंड की जेपीएससी परीक्षा को लेकर कोई तख्ती दिखी. उन्होंने कहा कि जेपीएससी परीक्षा में पेपर लीक हुई थी, लेकिन इस पर किसी कांग्रेसी के हाथ में कोई तख्ती नहीं दिखी. उनके मुताबिक, यह सेलेक्टिव आउटरेज है और इसके पीछे कांग्रेस की राजनीतिक रोटी सेकने की कोशिश है.
बिल बिना चर्चा के सदन से पास हो गए लेकिन चर्चा नहीं हो सकी!
संबित पात्रा ने कहा कि कुछ बिल लोकसभा में पास हो गए, लेकिन उन पर एक मिनट की भी चर्चा नहीं हुई. उन्होंने कहा कि ये जनता से जुड़े काम थे, इसलिए बिल पास होना जरूरी था, लेकिन चर्चा नहीं होने से लोग यह नहीं जान पा रहे कि उनमें क्या प्रावधान हैं और उन्हें क्या फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि वोटिंग के बाद सुप्रीम कोर्ट नंबर ऑफ जजेज अमेंडमेंट बिल, 2026 पास हुआ, जिसका मकसद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर केस पेंडेंसी कम करना है.
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भाजपा सांसद ने रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ अमेंडमेंट बिल, 2026 का भी जिक्र किया और कहा कि इसमें जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की समयसीमा, पंजीकरण नहीं होने के नतीजे और नागरिकों के अधिकारों जैसे मुद्दे हैं, लेकिन इस पर भी चर्चा नहीं होने दी गई. संबित पात्रा ने कहा कि निर्मला जी की मौजूदगी में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पेश किया गया, जो बैंकिंग से जुड़ा बड़ा रिफॉर्म है, लेकिन हंगामे की वजह से जनता इस बिल पर कोई चर्चा नहीं सुन पाई.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में पात्रा ने कहा कि भाजपा भी विपक्ष में रही है और उसने विपक्ष की भूमिका निभाई है, लेकिन विपक्ष के नाम पर साधु-संतों का अपमान करना, साधु के वेश में आना, साधु को चोर दिखाना, श्रावण के महीने में जब हजारों-लाखों लोग कांवड़ यात्रा में निकले हों तब ऐसे दृश्य दिखाना, देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक मंदिर के प्रांगण में एक साधु को घसीटना और उसे मारने की कोशिश करना, गांव-गांव तक गलत संदेश पहुंचाता है.
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