उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) ने दलित चौपाल अभियान की कवायद तेज कर दी है. दलितों के बीच पहुंचकर लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) ने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए हैं. लोक जनशक्ति पार्टी ने दलित चौपाल की शुरुआत करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा है.
लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के रण में उतरने की तैयारी कर रही है. पार्टी ने दलित चौपाल का आयोजन किया. यहां मंच से सपा और कांग्रेस पर खूब सवाल किए गए.
मुद्दा उठाया गया कि अयोध्या के राम मंदिर की पहली शिला एक दलित नेता के हाथों रखी गई थी इसलिए राहुल गांधी और अखिलेश यादव राम मंदिर नहीं गए. लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) का कहना है कि राम मंदिर की पहली शिला दलित नेता कामेश्वर के हाथों से रखी गई थी. इसी वजह से राहुल गांधी और अखिलेश यादव मंदिर नहीं जाते.
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पार्टी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को सामंती सोच वाला बताया. पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव सामंती सोच के हैं इसलिए वे राम मंदिर नहीं गए. लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) की ओर से आरोप लगाया गया कि जिन्होंने मंदिर निर्माण में आज तक कोई योगदान नहीं दिया वे लोग अब दान के मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं.
LJP ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष को "चंदे की चिंता है, बंदे की नहीं". LJP का दावा है कि विपक्ष राम मंदिर के मुद्दे को लेकर राजनीति कर रहा है.
इन्हीं सब मुद्दों को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) गांव-गांव में दलित चौपाल का आयोजन कर रही है. पार्टी का कहना है कि उनके इस आयोजन का मकसद दलित समाज को जागरूक करना और विपक्ष की राजनीति को बेनकाब करना है.
लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) तेजी से इस दलित चौपाल का ऐलान कर रही है और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील कर रही है.
आशीष श्रीवास्तव