भारत और फ्रांस के बीच 20+ समझौते, मैक्रों ने बताईं दोनों देशों के संबंधों की तीन खास बातें

भारत और फ्रांस अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इसी क्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी के बीच मुंबई में हुई द्विपक्षीय बैठक में डिफेंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और एनर्जी सेक्टर में 20 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी.

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प्रधानमंत्री मोदी ने तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का मुंबई में स्वागत किया. (Photo: X/@narendramodi) प्रधानमंत्री मोदी ने तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का मुंबई में स्वागत किया. (Photo: X/@narendramodi)

प्रणय उपाध्याय

  • मुंबई ,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:40 PM IST

मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की मौजूदगी में हुए भारत-फ्रांस समिट के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में 20 से अधिक समझौतों की घोषणा की गई. इनमें डिफेंस, स्किलिंग, टेक्नोलॉजी और हेल्थ जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं. इन समझौतों से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी. समिट के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी ने कर्नाटक में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया. इस मौके पर भारत और फ्रांस के रक्षा मंत्री कर्नाटक में मौजूद रहे.

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य​ह एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स का जॉइंट वेंचर है. ‘मेक इन इंडिया’ इनिशिएटिव के तहत स्थापित की गई यह असेंबली लाइन भारत में डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि नई दिल्ली और पेरिस के बीच साझेदारी किसी सीमा में बंधी नहीं है और यह 'गहरे महासागरों से लेकर सबसे ऊंचे पहाड़ों तक पहुंच' रखती है.

उन्होंने कर्नाटक में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा, 'हमें गर्व है कि भारत और फ्रांस मिलकर, माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने वाला, विश्व का एकमात्र हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे और पूरे विश्व को एक्सपोर्ट करेंगे.' पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2026, भारत और यूरोप के संबंधों में एक टर्निंग पॉइंट है. हम इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ, इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्कीलिंग इन एयरोनॉटिक्स लॉन्च करने जा रहे हैं.

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सिर्फ रणनीति तक सीमित नहीं भारत-फ्रांस संबंध

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच संबंध वास्तव में अनूठे हैं. फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में इस साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और नई गतिशीलता मिली है. उन्होंने कहा, 'आपसी विश्वास और साझा दृष्टि की मजबूत नींव पर खड़े ये संबंध अब स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक पहुंचाए जा रहे हैं. यह सहयोग केवल रणनीति तक सीमित नहीं है; मौजूदा उथल-पुथल भरे दौर में यह वैश्विक स्थिरता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्ध एक सशक्त साझेदारी के रूप में उभर रहा है.'

मैक्रों ने बताए भारत-फ्रांस संबंधों तीन बड़े आधार

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, 'भारत की अपनी चौथी आधिकारिक यात्रा पर मुझे मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं. भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध वास्तव में असाधारण और विशिष्ट हैं. यह संबंध विश्वास, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित है. आज हमने इस साझेदारी को एक नया दर्जा देते हुए इसे स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है. इसमें कोई संदेह नहीं है, क्योंकि हमें इस रिश्ते पर पूरा भरोसा है और पिछले आठ वर्षों से हम इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं.'

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उन्होंने कहा, 'हर साल अलग-अलग क्षेत्रों में मिलकर काम करते हुए हमने कई नए रास्ते तैयार किए हैं. चाहे वह इंडो-पैसिफिक रीजन हो या टेक्नोलॉजी, जहां किसी का वर्चस्व नहीं होना चाहिए. हम कानून के शासन में दृढ़ विश्वास रखते हैं और बीते वर्षों में इसे व्यवहार में भी साबित किया है. चाहे वह आईएमईसी हो, जिसे हमने मिलकर शुरू किया, या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसे विषय हों. पिछले आठ वर्षों में हमने साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं.'

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