वेस्ट एशिया संकट: ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से बढ़ी भारत की चिंता, PM मोदी ने की फ्रांस और ओमान से बात

वेस्ट एशिया में गैस और ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सरकार ने साफ कहा है कि ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं. इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को बेहद चिंताजनक बताया है.

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तनाव कम करने पर जोर, मोदी ने विश्व नेताओं से कूटनीति को बताया समाधान. (Photo: X/@narendramodi) तनाव कम करने पर जोर, मोदी ने विश्व नेताओं से कूटनीति को बताया समाधान. (Photo: X/@narendramodi)

aajtak.in

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  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST

मिडिल ईस्ट की जंग में ऊर्जा और गैस के ठिकानों पर हमलों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है. भारत ने अस्वीकार्य बताते हुए इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस, ओमान और मलेशिया जैसे देशों के कई वैश्विक नेताओं से बातचीत की है. उन्होंने वेस्ट एशिया में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है.

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ईरान के रणनीतिक गैस क्षेत्र 'साउथ पार्स' पर इजरायल के हमले के बाद तनाव चरम पर है. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया. इन हमलों में कतर का प्रमुख LNG केंद्र रास लफान भी शामिल रहा, जो वैश्विक गैस आपूर्ति के लिहाज से अहम है. भारत के लिए यह बहुत संवेदनशील है. हमारी कुल LNG जरूरत का करीब 40 फीसदी कतर से आता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पहले भी ऊर्जा और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना न बनाने की अपील करता रहा है. उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि हालिया हमले पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं. इस तरह की कार्रवाइयों को तुरंत रोका जाना चाहिए. इन हमलों का असर वैश्विक बाजार पर भी साफ देखा जा रहा है. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी है.

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जो 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे ऊर्जा संकट गहरा सकता है. बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर सक्रिय कूटनीतिक पहल की है. उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से फोन पर बातचीत की है. ओमान के सुल्तान ने होर्मुज स्ट्रेट निर्बाध आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया.
 
यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देने पर सहमत हैं. उन्होंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा भी दोहराई. इसके साथ ही संकट के दौरान लोगों की सुरक्षित निकासी में उसकी भूमिका की सराहना की है.

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हालात को देखते हुए तुरंत तनाव कम करने और कूटनीतिक रास्ते पर लौटने की जरूरत है. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी उन्होंने यही संदेश दोहराया. दोनों नेताओं ने मिलकर क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई. अब वेस्ट पश्चिम एशिया में बढ़ता यह संघर्ष सिर्फ क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है. 

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