भारत आज आजादी का जश्न मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का आह्वान किया. उन्होंने युवाओं से बड़े बदलावों के लिए आगे आने और देश को विकसित बनाने में योगदान देने की अपील की.
पीएम मोदी ने कहा कि अब रुकने का समय नहीं है. हमें अपनी सोच, काम करने का तरीका और काम की रफ्तार बदलनी होगी. उन्होंने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशकों में नहीं हो पाए, उन्हें आने वाले 5-7 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखना होगा.
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दिया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत को छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर बड़े और जटिल उत्पाद तक खुद बनाने होंगे. डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पूरी वैल्यू चेन भारत में तैयार करनी होगी.
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प्रधानमंत्री ने लाल किले से विकास के लिए मुख्य फोकस क्षेत्र 'शक्ति की सप्त धारा' की घोषणा करते हुए कहा,
1. मैन्युफैक्चरिंग: पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल स्टैंडर्ड को पूरा करने के लिए लागत, क्वालिटी और स्केल के मामले में बहुत प्रतिस्पर्धी होना होगा.
2. एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग: पीएम मोदी ने एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग पर जोर देते हुए कहा कि देश को अपने उत्पादों को ग्लोबल ब्रांड बनाने की ज़रूरत है.
3. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: पीएम मोदी ने डिजिटल और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया.
4. गति-शक्ति: पीएम मोदी ने अपने भाषण में गति शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि हमें आने वाले वर्षों में तेज़ और बिना रुकावट वाली कनेक्टिविटी पर ध्यान देना.
5. रक्षा शक्ति: पीएम मोदी ने ड्रोन और सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी जैसी अगली पीढ़ी की डिफेंस टेक्नोलॉजी पर ध्यान देने की भी बात की है.
6. ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी: पीए मोदी का कहना है कि हमारे पास ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी के लिए बहुत सारे रिसोर्स हैं.
7. देश की सॉफ्ट पावर पर ध्यान देना: योग, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थ, क्रिएटिव रिसोर्स और टूरिज्म को पहचान दिलाने की भी बात पीए मोदी ने की है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना है. इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग में कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल के वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा.
उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, मशीनरी, दवाइयों समेत हर क्षेत्र में भारत को अपनी क्षमता बढ़ानी होगी. लुधियाना से तिरुपुर तक भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाई देने का लक्ष्य होना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले समय में समाज, किसान, हर किसी को अपनी पारंपरिक व्यवस्था में बड़े बदलाव लाने होंगे. उन्होंने देश को एक निश्चित दिशा में चलने का संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए हमें एक नई धारा चाहिए.
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