ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रदर्शन से जुड़े मामले में छात्र अक्षत त्रिपाठी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शीर्ष अदालत को बताया गया कि अक्षत को जारी 4 सितंबर का नोटिस पहले ही वापस लिया जा चुका है. अक्षत त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें जारी 5 लाख रुपये के बॉन्ड नोटिस पर की गई कार्रवाई को लेकर अदालत को गुमराह किया.
मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा, 'हम इस नोटिस को आज ही रद्द कर सकते हैं.' इस पर ASG ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 4 सितंबर को जारी विवादित नोटिस पहले ही वापस लिया जा चुका है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि 4 सितंबर के नोटिस के आधार पर की गई कोई भी कार्रवाई निरस्त मानी जाएगी. यानी इस नोटिस के आधार पर छात्र के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.
अक्षत त्रिपाठी को ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के सिलसिले में BNSS के तहत नोटिस जारी किया गया था. इसमें छात्र से 5 लाख रुपये का निजी मुचलका और 5-5 लाख रुपये के दो जमानती मांगे गए थे. सुनवाई के दौरान ASG ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि संबंधित नोटिस वापस लिया जा चुका है. इसके बाद CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस के आधार पर पहले की गई किसी भी कार्रवाई को भी निरस्त करने का आदेश दिया.
इससे पहले हुई सुनवाई में CJI सूर्यकांत ने इस बात पर सवाल उठाया था कि जब सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया था, तो कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से यह नोटिस कैसे जारी किया गया. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 4 सितंबर के नोटिस और उसके आधार पर की गई कार्रवाई को निरस्त माना जाएगा.
अनीषा माथुर / संजय शर्मा