गोधरा ट्रेन नरसंहार का दोषी गैंग बनाकर करता था चोरी, पुणे से गिरफ्तार, पैरोल छोड़कर हुआ था फरार

22 जनवरी को पुलिस ने सलीम जर्दा और उसके गिरोह के सदस्यों को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था. यह लोग पुणे के ग्रामीण इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे. जांच के दौरान गोधरा ट्रेन कांड से उसके संबंध का पता चला. 

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(प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रतीकात्मक तस्वीर)

aajtak.in

  • पुणे ,
  • 03 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:24 AM IST

साल 2002 के गोधरा ट्रेन कांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 55 साल के एक अपराधी को महाराष्ट्र के पुणे जिले में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. वह पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद फरार हो गया था. 

पुलिस ने बताया कि पुणे ग्रामीण पुलिस ने 22 जनवरी को सलीम जर्दा को गिरफ्तार किया था. सलीम जर्दा गोधरा ट्रेन कांड में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले 31 लोगों में शामिल था. जर्दा 17 सितंबर 2024 को सात दिन की पैरोल पर गुजरात की एक जेल से बाहर आया था और बाद में फरार हो गया था. 

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अलीफाटा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर दिनेश तायडे ने बताया, 22 जनवरी को हमने सलीम जर्दा और उसके गिरोह के सदस्यों को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था. यह लोग पुणे के ग्रामीण इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे. जांच के दौरान गोधरा ट्रेन कांड से उसके संबंध का पता चला. 

पुलिस अधिकारी ने बताया, "जांच के दौरान जर्दा द्वारा की गई चोरी के तीन मामले सामने आए. अपराधी अपने गिरोह के साथ गुजरात के गोधरा से पुणे जिले में आता था और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था."

जर्दा और अन्य को 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के S-6 कोच में आग लगाने के लिए दोषी ठहराया गया था, जिसमें 59 लोग मारे गए थे.

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