वीडियो में एक महिला पुलिसकर्मी दिपके को जानकारी देते हुए कहती हैं, 'सर, एक इन्फॉर्मेशन शेयर करनी है. थोड़ी दुखद खबर है, लेकिन आपकी ग्रैंडमदर की डेथ हो गई है. इसके लिए मुझे बहुत अफसोस है. अगर आपने अपना माइंड मेकअप किया है और अभी भी अपनी ग्रैंडमदर के अंतिम संस्कार में जाना चाहते हैं, तो बस-फ्लाइट या ट्रांसपोर्ट का जो भी इंतजाम होगा, हम आपके लिए करवा देंगे. आप यहीं रुकेंगे या आप जाना नहीं चाहते?'
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इसके बाद एक अधिकारी दिपके से कहते हैं, 'अगर आप अपने किसी फैमिली मेंबर से बात करना चाहते हैं, तो हम अपने किसी ऑफिशियल नंबर के जरिए आपकी बात करवा सकते हैं. अगर आप चाहते हैं, तो हमें नंबर नोट करके दे दीजिए.'
इस पर दिपके पुलिस अधिकारी से कहते हैं, 'आप उनका फ्यूनरल आज ही करने के लिए फैमिली को बोल दो.' उन्हें आगे बताया जाता है कि अंतिम संस्कार कल के लिए शेड्यूल किया गया है. अधिरकारी कहते हैं, 'आपको जो भी वहां जाने की फैसिलिटी हम दे सकते हैं वो हमें बता दीजिए.' इस पर दिपके कहते नजर आ रहे हैं, 'नहीं... मैं नहीं निकलूंगा यहां से.'
दिपके कहते हैं, 'मैं अपने फादर से बात नहीं कर पाऊंगा.'
दिल्ली पुलिस के वीडियो पर दिपके का रिएक्शन
दिल्ली पुलिस द्वारा इस वीडियो को जारी किए जाने के बाद दिपके ने एक बार फिर सवाल उठाए. उन्होंने दिल्ली पुलिस के एक्स पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा, 'आपने वह हिस्सा क्यों हटा दिया, जहां मैं अपना फोन मांग रहा था, ताकि अपने कजिन का नंबर निकाल सकूं? और जहां मैं अपने वकीलों से बात करने देने की मांग कर रहा था? दिल्ली पुलिस, जो आज मुझे मेरी दादी के निधन की जानकारी देने और घर जाने के लिए गाड़ी की पेशकश करने को लेकर इंसानियत की दुहाई दे रही है, वही पुलिस रात 3:30 बजे गिरफ्तारी के कागजात लेकर मेरे पास आई थी और उन पर दस्तखत करने का दबाव बना रही थी.'
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अपने पोस्ट में दिपके ने आगे कहा कि आखिर रात 3:30 बजे वह इंसानियत कहां चली गई थी? यह जानते हुए भी कि मेरी दादी का निधन हो गया है, पुलिस मुझ पर गिरफ्तारी के पेपर पर साइन करने का दबाव बनाती रही. मैंने तब तक साइन करने से इनकार कर दिया, जब तक मुझे अपने वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई.
परिवार का आरोप- रिहाई के लिए लगाते रहे गुहार
अभिजीत दिपके की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके का शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में लंबे समय तक बीमार रहने के बाद निधन हो गया था. रविवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया. दिपके के चाचा विलास दिपके ने आरोप लगाया कि परिवार ने पुलिस से बार-बार अपील की थी कि अभिजीत को समय पर रिहा किया जाए, ताकि वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें.
आशुतोष रंका ने पुलिस पर उठाए थे सवाल
CJP से जुड़े नेता आशुतोष रंका ने दिपके को दादी के निधन की जानकारी दिए जाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं. रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने यह खबर अमानवीय तरीके से दी. रंका के मुताबिक, उस समय वहां माइक्रोफोन और कैमरा भी मौजूद थे. रंका ने यह भी दावा किया कि दिपके ने अपनी दादी के साथ रहने वाले चचेरे भाई से बात कराने की बार-बार मांग की थी. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि दिपके के माता-पिता दिल के मरीज हैं. रंका का आरोप है कि दिपके की यह मांग पूरी नहीं की गई.
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