कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दोनों दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे. अभिजीत दिपके को घर से निकलते ही हिरासत में लिया गया, जबकि नेहा बोरा को मंडी हाउस के पास से हिरासत में लिया गया. शुक्रवार को 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
इसके बाद CJP और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने अपने नेताओं के ठिकाने को लेकर सवाल उठाए. दोनों संगठनों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें वकीलों और सहयोगियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है.
CJP ने आरोप लगाया कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को किसी अज्ञात जगह ले जाया गया है और पार्टी का उनसे संपर्क टूट गया है. वहीं, AISA ने दावा किया कि उसकी अध्यक्ष नेहा बोरा को पहले मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में अकेले रखा गया था, जिसके बाद उन्हें किसी अज्ञात जगह ले जाया गया.
AISA ने दावा किया है कि उसकी अध्यक्ष नेहा बोरा को मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में अकेले हिरासत में रखा गया है. संगठन ने कहा कि नेहा से कोई संपर्क नहीं हो पाया है. AISA ने नेहा को तुरंत रिहा करने की मांग की है. संगठन का आरोप है कि पुलिस वकीलों को नेहा से मिलने की अनुमति नहीं दे रही है.
CPI(M) सांसद ने उठाया सवाल
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा की हिरासत को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि AISA की अंजलि ने उन्हें फोन कर बताया कि नेहा बोरा को 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय मंडी हाउस से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया. ब्रिटास के मुताबिक, नेहा को अकेले ले जाया गया और उनका फोन भी उनके पास नहीं है. उन्होंने कहा कि फिलहाल नेहा के ठिकाने की जानकारी नहीं है.
जॉन ब्रिटास ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि किसी नागरिक को हिरासत में लेकर उसका ठिकाना गुप्त रखने की कैसी कानून-व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि हिरासत को गायब कर देना नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने दिल्ली पुलिस से नेहा के ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक करने, उन्हें परिवार, दोस्तों और साथियों से संपर्क की सुविधा देने और हिरासत में लेने का आधार बताने की मांग की.
एम.के. स्टालिन ने भी पूछा सवाल
वहीं, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी अभिजीत दिपके और नेहा बोरा के ठिकाने को लेकर सवाल उठाया.
उन्होंने कहा कि दोनों को हिरासत में लेकर उनका ठिकाना नहीं बताना पूरी तरह गैरकानूनी और अमानवीय है. स्टालिन ने केंद्र सरकार से दोनों को तुरंत रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाना बंद करने की मांग की.
अखिलेश यादव ने महिला आयोग से संज्ञान लेने को कहा
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की हिरासत को लेकर सवाल उठाए हैं. एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है कि हिरासत में ली गई नेहा बोरा कहां हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है. अखिलेश यादव ने पुलिस से नेहा को रात में हिरासत में लेकर कहां ले जाया गया, इसका खुलासा करने की मांग की. अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय महिला आयोग से भी इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की. उन्होंने नेहा बोरा को तुरंत रिहा करने की मांग की.
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