CJP नेता सौरव दास-आशुतोष रांका एहतियातन गिरफ्तार, जंतर-मंतर पर जबरन घुसना पड़ा भारी

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के मामले में CJP नेता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार किया है.

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आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग तोड़कर पहुंचे थे. (Photo-X) आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग तोड़कर पहुंचे थे. (Photo-X)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:33 AM IST

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है. सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ़्तार किया है. इससे पहले पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी.

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कॉकरोच जनता पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'अभी जानकारी मिली है कि सौरव, आशुतोष और अजिंक्य को एक घंटे के अंदर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में SEM के सामने पेश किए जाने की संभावना है. 24 घंटे की समय-सीमा जल्द ही खत्म होने वाली है.'

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिकी में शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ी धाराएं भी शामिल हैं. यह कार्रवाई उस समय हुई, जब सीजेपी के कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग वाले जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की.

जंतर-मंतर को हाल ही में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है. मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और सीजेपी के कुछ अन्य सदस्यों को निषेधाज्ञा का कथित उल्लंघन कर क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद हिरासत में लिया गया था. संगठन का दावा है कि उसके करीब 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया.

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यह भी पढ़ें: CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका पर FIR, जेडीयू दफ्तर का गेट फांदकर जंतर-मंतर पर किया था प्रदर्शन

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया. इस दौरान कुछ सीजेपी कार्यकर्ताओं के थाने के बाहर जुटने के बाद वहां और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई. सीजेपी के संस्थापक दीपके ने संगठन की कार्रवाई को जंतर-मंतर पर दोबारा अपना अधिकार जताने की कोशिश बताया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल को निर्धारित सूची से हटाए जाने के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा.

एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर हुए थे रिहा

इससे पहले शनिवार को भी दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था. उस समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण सीजेपी का ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो पाया था. तीनों को एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे.

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक स्थायी आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए निर्धारित स्थलों के रूप में सूचीबद्ध किया था. सीजेपी का कहना है कि प्रदर्शन स्थल को सूची से हटाने की घोषणा 12 अक्टूबर को हुई. संगठन के मुताबिक, उसी दिन उसके प्रतिनिधि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय कराने के उद्देश्य से संसद मार्ग थाने पहुंचे थे.
 

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