SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा स्थगित, कांग्रेस ने उठाए सवाल

CEC ज्ञानेश कुमार का मेरठ और काशी दौरा स्थगित हुआ है. इसके बाद फैसले पर सवाल उठे हैं. हालांकि, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने कहा है कि दौरा स्थगित करने का SIR विवाद से कोई संबंध नहीं है.

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ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी पार्टियां लगातार निशाना साध रही हैं (File Photo: PTI) ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी पार्टियां लगातार निशाना साध रही हैं (File Photo: PTI)

संजय शर्मा / राहुल गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:47 PM IST

चुनाव आयोग में कथित मतभेद, नियमों और चुनावी ढांचे में बदलाव को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा स्थगित हो गया है. दौरा टलने के बाद इसे मौजूदा विवाद से जोड़कर सवाल उठने लगे थे. हालांकि, निर्वाचन आयोग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इन कयासों को खारिज करते हुए कहा है कि दौरे का स्थगन मौजूदा विवाद से जुड़ा नहीं है.

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आयोग के सूत्रों के मुताबिक, CEC का मेरठ और काशी दौरा अचानक स्थगित नहीं किया गया है. इसके बारे में 21 सितंबर को ही आधिकारिक तौर पर जानकारी दे दी गई थी. मेरठ और काशी के जिलाधिकारियों को भी दौरा स्थगित होने की सूचना ईमेल के जरिए भेज दी गई थी.

निर्वाचन आयोग का कहना है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस तरह के दौरों के कार्यक्रम में स्थानीय परिस्थितियों, लॉजिस्टिक और बीच में आने वाले दूसरे आधिकारिक कार्यक्रमों के कारण बदलाव होता रहता है. आयोग के मुताबिक, इससे पहले हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख से जुड़े कार्यक्रमों में भी बदलाव किया गया है.

हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट सीजन और परीक्षाओं को देखते हुए कार्यक्रम को टाला गया था. वहीं, उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. लद्दाख का कार्यक्रम मानसरोवर में आई आपदा के कारण स्थगित किया गया था.

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कार्यक्रमों में शामिल होते हैं करीब 1000 युवा

आयोग के मुताबिक, ऐसे कार्यक्रमों में करीब 1000 तक युवा शामिल होते हैं. इसलिए कार्यक्रम तय करते समय स्थानीय मौसम, सामाजिक और शैक्षणिक परिस्थितियों के साथ-साथ संसाधनों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा जाता है. इसके अलावा CEC की अन्य आधिकारिक यात्राओं और कार्यक्रमों के कारण भी तारीखों में बदलाव किया जा सकता है.

सूत्रों के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूटान यात्रा के कारण भी कुछ कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना पड़ा था.

कुछ रिपोर्टों में ऐसे कार्यक्रमों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक खर्च होने की बात कही गई थी. आयोग के सूत्रों का कहना है कि यह खर्च कार्यक्रम आयोजित होने के बाद ही होता है. ऐसे में अगर किसी कार्यक्रम को लेकर परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं, तो समय रहते उसमें बदलाव कर दिया जाता है, ताकि संसाधनों और सरकारी धन का अनावश्यक खर्च न हो.

पवन खेड़ा ने कहा- करोड़ों खर्च हुए, अब कार्यक्रम रद्द हो रहे

दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोदी जी ने 'गुप्ता जी को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा'. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अब उनके दौरे रद्द हो रहे हैं. खेड़ा ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की.

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उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. खेड़ा ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार अपने हिसाब से निर्वाचन आयोग चलाना चाहते थे और दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. यह आरोप हाल में सामने आई उस रिपोट के संदर्भ में है, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कई फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात कही गई है.

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