अगर आप घर में रोटियां, पराठे या दूसरी खाने-पीने की चीजें एल्युमिनियम फॉयल में लपेटते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंडोली इलाके में एक इकाई पर कार्रवाई करते हुए करीब 2,350 एल्युमिनियम फॉयल पेपर रोल जब्त किए हैं. BIS को इस इकाई में मानकों के उल्लंघन की सूचना मिली थी, जिसके बाद तलाशी और जब्ती अभियान चलाया गया.
BIS के गाजियाबाद शाखा कार्यालय की टीम ने BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत यह कार्रवाई की. तलाशी के दौरान परिसर में बड़ी संख्या में एल्युमिनियम फॉयल रोल मिले. इन्हें आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया गया.
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कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फॉयल के निर्माण और भंडारण से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड भी खंगाले. BIS अब यह पता लगाने में जुटा है कि इन उत्पादों का निर्माण किस तरह किया जा रहा था. क्या इनके लिए जरूरी भारतीय मानकों और प्रमाणन नियमों का पालन किया गया था.ॉ
एल्युमिनियम फॉयल की क्वालिटी पर बना है नियम
दरअसल, एल्युमिनियम फॉयल से जुड़े उत्पादों के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर यानी QCO साल 2020 में अधिसूचित किया गया था. इसके तहत संबंधित उत्पादों का निर्माण तय मानकों के मुताबिक और वैध BIS लाइसेंस के तहत किया जाना जरूरी है. ऐसे उत्पादों पर निर्धारित नियमों के अनुसार ISI मार्क होना भी जरूरी है.
यानी कोई भी इकाई बिना वैध BIS लाइसेंस और जरूरी प्रमाणन के ऐसे उत्पादों का निर्माण नहीं कर सकती. अब मंडोली की इस इकाई से मिले फॉयल रोल और दस्तावेजों के आधार पर BIS आगे की कार्रवाई करेगा.
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BIS गाजियाबाद शाखा के वरिष्ठ निदेशक और प्रमुख जी. भवानी ने कहा कि संबंधित फर्म के खिलाफ BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
BIS मानक या ISI चिन्ह के गलत इस्तेमाल की करें शिकायत
BIS ने उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अनिवार्य प्रमाणन वाले उत्पाद खरीदते समय BIS लाइसेंस और ISI मार्क की प्रामाणिकता जरूर जांचें. किसी उत्पाद पर BIS मानक या ISI चिन्ह के गलत इस्तेमाल की शिकायत BIS CARE ऐप, ई-मेल या गाजियाबाद शाखा कार्यालय में की जा सकती है. शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात भी BIS ने कही है.
आशुतोष मिश्रा