हरियाणा में आयुष्मान सेवाओं पर फिर संकट, IMA का 1 सितंबर को 24 घंटे सेवाएं बंद रखने का ऐलान

हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों के करीब 1,200 करोड़ रुपये के भुगतान लंबित हैं, जिससे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 1 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है.

Advertisement
हरियाणा में 1 सिंतबर को IMA के आह्वान पर आयुष्मा सर्विस बंद रहेंगी हरियाणा में 1 सिंतबर को IMA के आह्वान पर आयुष्मा सर्विस बंद रहेंगी

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना को लेकर निजी अस्पतालों और राज्य सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हरियाणा ने लंबित भुगतान को लेकर 1 सितंबर को 24 घंटे के लिए आयुष्मान भारत के तहत सेवाएं बंद रखने का ऐलान किया है. IMA का दावा है कि योजना के तहत निजी अस्पतालों के करीब 1,200 करोड़ रुपये के क्लेम का भुगतान पेंडिंग है. डॉक्टरों ने बकाया राशि जारी करने के साथ भविष्य में क्लेम के भुगतान के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग की है.

Advertisement

करनाल में IMA के प्रवक्ता डॉ. कमल चराया ने कहा कि एसोसिएशन के आह्वान पर आयुष्मान भारत से जुड़े सभी निजी अस्पताल एक दिन के लिए सर्विस बंद रखेंगे. उन्होंने कहा कि अस्पतालों का सैकड़ों करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है और सरकार को बकाया चुकाने के लिए समय दिया गया है.

डॉ. चराया ने कहा, 'पेंडिंग अमाउंट करोड़ों रुपये में है और अब तक जारी नहीं हुआ है. हमने सरकार को बकाया चुकाने का समय दिया है. आगे की रणनीति पर 15 सितंबर को फैसला किया जाएगा.' उन्होंने चेतावनी दी कि भुगतान में लगातार देरी से छोटे निजी अस्पतालों के लिए काम करना मुश्किल हो सकता है और कुछ अस्पताल बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं.

पानीपत में करीब 80 करोड़ रुपये के क्लेम लंबित

Advertisement

पानीपत में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है. यहां निजी अस्पतालों के करीब 80 करोड़ रुपये के क्लेम लंबित होने का दावा किया गया है. IMA के जिला अध्यक्ष डॉ. हेमेंद्र मंगल ने कहा कि भुगतान नहीं होने से अस्पतालों पर भारी आर्थिक दबाव है. कुछ अस्पताल बंद हो चुके हैं, जबकि कई अन्य बंद होने की कगार पर हैं.

उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती है कि निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इलाज जारी रखें तो लंबित राशि का भुगतान करना होगा. उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां क्लेम का भुगतान समय पर होता है, जबकि हरियाणा में बार-बार भुगतान में देरी हो रही है.

IMA ने चेतावनी दी है कि बकाया राशि का समाधान नहीं हुआ तो 16 सितंबर से आयुष्मान सेवाएं फिर बंद की जा सकती हैं. हालांकि इस दौरान इमरजेंसी मरीजों को भर्ती किया जाएगा, लेकिन नियमित तौर पर आने वाले नए आयुष्मान मरीजों को नहीं लिया जाएगा.

पहले भी बंद हो चुकी हैं आयुष्मान सेवाएं

हरियाणा में इस साल आयुष्मान भारत योजना को लेकर निजी अस्पतालों और सरकार के बीच कई बार विवाद हो चुका है. जनवरी से अप्रैल के बीच IMA ने सितंबर 2025 से लंबित बकाये को लेकर योजना से हटने की चेतावनी दी थी. जून में 600 के करीब निजी अस्पतालों ने 400 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित बकाये और आयुष्मान भारत तथा चिरायु हरियाणा योजना के कम पैकेज रेट को लेकर कई दिनों तक सेवाएं बंद रखी थीं.

Advertisement

इसके बाद 7 से 26 अगस्त तक करीब 650 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने 19 दिनों तक आयुष्मान सेवाएं बंद रखीं. उस समय लंबित भुगतान के साथ क्लेम में मनमानी कटौती का मुद्दा भी उठाया गया था. सरकार की ओर से फ्रॉड से जुड़े मामलों की समीक्षा तेज करने और कारण बताओ नोटिस वापस लेने पर सहमति बनने के बाद सेवाएं बहाल हुई थीं. मामले की समीक्षा के लिए 15 अक्टूबर को बैठक भी तय की गई थी. हालांकि इसके कुछ ही दिनों बाद विवाद फिर सामने आ गया है.

कांग्रेस ने सरकार को घेरा
विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है. नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आयुष्मान मरीजों की समस्याओं समेत कई मुद्दों पर सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाया. राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता गीता भुक्कल और आदित्य सुरजेवाला ने भी आयुष्मान योजना का मुद्दा उठाया. कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि सैनी सरकार योजना के मरीजों की समस्याओं का समाधान करने में बार-बार विफल रही है.

वहीं मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने कहा कि कुछ अस्पतालों के बिलों में गड़बड़ियां सामने आई हैं और डॉक्टरों ने भी इस बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार नियमित रूप से भुगतान किया जा रहा है. जहां भी कोई कमी है, मुख्यमंत्री खुद मामले को देख रहे हैं और जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

Advertisement

अब निगाहें 1 सितंबर की 24 घंटे की हड़ताल और सरकार के अगले कदम पर हैं. साथ ही यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या 16 सितंबर की समयसीमा से पहले निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान का समाधान हो पाएगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »