असम के गोलाघाट जिले के बोकाखाट में वन विभाग ने एक बस से 500 से ज्यादा दुर्लभ और संरक्षित चेंग मछलियां बरामद की हैं. काजीरंगा नेशनल पार्क प्राधिकरण की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बस को रोककर तलाशी ली. इस दौरान बस में पांच कार्टन के अंदर बड़ी संख्या में चेंग मछलियां मिलीं. वन विभाग ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है.
पूरा मामला काजीरंगा नेशनल पार्क प्राधिकरण की कार्रवाई से जुड़ा है. वन विभाग को सूचना मिली थी कि एक बस के जरिए चेंग मछलियों की बड़ी खेप ले जाई जा रही है. सूचना के आधार पर अधिकारियों ने कार्रवाई की तैयारी की. इसके बाद एक बस को रोका गया. बस तिनसुकिया से सिलीगुड़ी जा रही थी.
बस की तलाशी शुरू हुई. इसी दौरान पांच कार्टन बरामद हुए. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कार्टन के अंदर 500 से ज्यादा चेंग मछलियां थीं. यानी बस में कोई छोटी-मोटी खेप नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में मछलियां ले जाई जा रही थीं. मछलियों की बरामदगी के बाद वन विभाग ने पांच लोगों को हिरासत में लिया. अब इनसे पूछताछ की जा रही है.
वन विभाग के मुताबिक, जिस समय बस को रोका गया, उसमें ड्राइवर और हैंडमैन के अलावा आठ यात्री मौजूद थे. यानी बस में कुल मिलाकर यात्रियों और स्टाफ की मौजूदगी थी, लेकिन इसी के बीच पांच कार्टन में चेंग मछलियों की खेप भी जा रही थी. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन कार्टन के बारे में किसे जानकारी थी और मछलियों को किसके कहने पर ले जाया जा रहा था.
मछलियां कहां से आईं और कहां जानी थीं?
वन विभाग अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रहा है. उनसे मछलियों के स्रोत और उनकी मंजिल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. मछलियां कहां से पकड़ी गईं? किसने इन्हें कार्टन में पैक किया? बस में इन्हें किसने रखा? और सिलीगुड़ी पहुंचने के बाद इन्हें किसे सौंपा जाना था? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे.
यह कार्रवाई काजीरंगा नेशनल पार्क प्राधिकरण के अधिकारियों ने की. गुप्त सूचना मिलने के बाद बोकाखाट में बस को रोककर तलाशी ली गई. वन विभाग के मुताबिक, बरामद चेंग मछलियां दुर्लभ और संरक्षित कैटेगरी की हैं. इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. फिलहाल पांच लोग हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है.
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