थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 उड़ान के दौरान तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई. झटके इतने तेज थे कि विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया. इस घटना में कई यात्री और क्रू मेंबर घायल हुए. हालांकि, विमान सुरक्षित दिल्ली उतर गया और सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया.
सोमवार को फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 सामान्य तरीके से उड़ रही थी. इसी बीच अचानक तेज टर्बुलेंस आया. विमान जोर-जोर से हिलने लगा. कुछ सेकेंड के भीतर उसकी ऊंचाई करीब 300 फीट कम हो गई. अचानक आए इस बदलाव से विमान में बैठे यात्रियों में घबराहट फैल गई. कई लोग अपनी सीटों से उछल गए. केबिन में चीख-पुकार मच गई.
विमान में कुल 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे. टर्बुलेंस के बाद विमान ने अपनी उड़ान सामान्य तरीके से जारी रखी और सुबह 11:07 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड किया.
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एयर इंडिया ने क्या कहा?
एअर इंडिया ने बयान जारी कर बताया कि उड़ान के दौरान कुछ देर के लिए टर्बुलेंस आया था, जिससे विमान की ऊंचाई में थोड़े समय के लिए बदलाव हुआ. इसके बावजूद विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंचा. सभी यात्री और क्रू सुरक्षित बाहर निकल गए. जिन लोगों को हल्की चोट लगी, उन्हें एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर भेजा गया. एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
फिलहाल ताजा अपडेट यह है कि घटना के बाद 13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया था. 4 अगस्त शाम 6:50 बजे तक 5 यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि बाकी लोगों का इलाज जारी है.
यात्रियों ने क्या बताया?
यात्रियों के मुताबिक, दिल्ली पहुंचने से कुछ देर पहले विमान अचानक नीचे आने लगा. उसी समय तेज झटके महसूस हुए. कई लोग घबरा गए. कुछ यात्रियों को सीट और सामान से टक्कर लगने के कारण चोट आई. एक यात्री के परिजन ने बताया कि तेज झटके की वजह से उनके भाई के कान में गंभीर चोट आई. उनका कहना है कि अचानक दबाव बदलने से कान का पर्दा फट गया. इसके अलावा, एक अन्य यात्री ने कंधे में तेज चोट लगने की बात कही.
इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक जांच में यह भी देखा जाएगा कि कहीं किसी तकनीकी गड़बड़ी की भूमिका तो नहीं थी. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) पूरे मामले की जांच कर रहा है.
आखिर टर्बुलेंस होता क्या है?
टर्बुलेंस का मतलब है हवा का अचानक तेज और अस्थिर हो जाना. ऐसे समय विमान को तेज झटके लग सकते हैं और उसकी ऊंचाई में कुछ समय के लिए बदलाव आ सकता है. यही वजह है कि उड़ान के दौरान यात्रियों को सीट बेल्ट बांधकर रखने की सलाह दी जाती है.
फिलहाल राहत की बात यह है कि विमान सुरक्षित दिल्ली उतर गया. किसी यात्री की जान को खतरा नहीं हुआ. अब जांच रिपोर्ट से साफ होगा कि यह सिर्फ मौसम की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई दूसरी वजह भी थी.
अमित भारद्वाज