बंगाल की राजनीति में इन दिनों जमकर बयानबाजी हो रही है. इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने विपक्ष पर जमकर भड़ास निकाली. दरअसल, वे आसनसोल के बर्नपुर में एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थी. उन्होंने एंटी-पेपर लीक कानून से लेकर बीरभूम में करोड़ों की नकदी मिलने और अंडाल में जमीन धंसने के मुद्दे पर सरकार का पक्ष बेहद आक्रामक अंदाज में रखा.
जब मंत्री से राज्यसभा से भी एंटी-पेपर लीक बिल पास होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'यह कानून देश के बच्चों के भविष्य के लिए बहुत जरूरी था. जो लोग भी इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे असल में छात्रों के दुश्मन हैं. उनका एजेंडा छात्रों की भलाई नहीं, बल्कि कुछ और ही है. अगर ये लोग सच में छात्रों का भला चाहते, तो इनके मंचों से 'कश्मीर को आजाद करो' और 'धारा 370 को वापस लाओ' जैसे नारे कभी नहीं लगते. ऐसे लोग छात्र नहीं, बल्कि सीधे-सीधे देश-विरोधी तत्व हैं.
अग्निमित्रा पॉल ने कानून की ताकत बताते हुए कहा कि पहले पेपर लीक करने पर सिर्फ पांच साल की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का नियम था. इस वजह से अपराधियों में कोई डर नहीं था. लेकिन अब हमारी सरकार ने इसे बेहद सख्त कर दिया है. अब इस अपराध के लिए 10 साल तक की जेल और पूरे 10 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना देना होगा.
मंत्री ने कहा कि इसके अलावा इस काले धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी बनाई जाएगी, जो राज्य पुलिस के साथ मिलकर इन माफियाओं को जेल भेजेगी. हमारा मकसद सिर्फ बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना है.
पिछली सरकार के आशीर्वाद से बस ड्राइवर बना करोड़पति
बीरभूम के पत्थर कारोबारी मीनार मंडल के घर से 25 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश और करीब पांच किलो सोना मिलने के सवाल पर मंत्री ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पिछली सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, 'यह वही मीनार मंडल है जो पहले कभी बस ड्राइवर हुआ करता था. उसे पिछली सरकार का पूरा आशीर्वाद और शह मिली हुई थी. ऐसे ही लोगों ने मिलकर जनता और सरकार दोनों का पैसा लूटा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जो पैसा सरकारी खजाने में जाकर जनता के काम आना चाहिए था, वह भ्रष्टाचार के रास्ते इन भ्रष्टाचारियों की तिजोरियों में पहुंच गया. पिछली सरकार चाहती तो अपने 15 सालों के शासन में इन पर कार्रवाई कर सकती थी, लेकिन उन्होंने आंखें मूंद रखी थीं.
मंत्री ने दावा किया कि अब हालात बदल चुके हैं और हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. CM ने खुद चार टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं ताकि आम जनता अवैध वसूली, सिंडिकेट राज और टोलाबाजी के खिलाफ सीधे शिकायत दर्ज करा सके. हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी ने निजी दुश्मनी में किसी बेकसूर को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी.
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स्कूलों के मिड-डे मील में दोबारा अंडा शामिल करने के फैसले पर मंत्री ने खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, "यह मुख्यमंत्री जी का एक बहुत ही शानदार फैसला है. जो बच्चे घरों में अंडा खाते हैं, जिन्हें सिर्फ शाकाहारी खाना मिलने से दिक्कत होती थी, अब उनके लिए यह व्यवस्था की गई है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि शाकाहारी खाना खराब है. इस्कॉन जो शाकाहारी खाना बच्चों को दे रहा है, उसकी क्वालिटी बहुत बढ़िया है. हमारा असली मकसद बच्चों को पूरा पोषण देना है.
वहीं अंडाल में हुए भू-धंसान और घरों में आई दरारों के मुद्दे पर भी मंत्री ने बातचीत की. उन्होंने कहा कि इस समय राजनीति करने से ज्यादा जरूरी लोगों की जान बचाना है. हम प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं. कई इलाकों में नए मकान बनकर तैयार हैं. लोगों को जल्द वहां शिफ्ट किया जाएगा.
अग्निमित्रा पॉल ने सरकार इस बार पुनर्वास के लिए पहले से कहीं ज्यादा मदद दे रही है. घर बदलने के लिए हर प्रभावित परिवार को 1 लाख रुपये की नकद सहायता राशि भी दी जा रही है. मंत्री ने साफ किया कि वह खुद आज ही प्रभावित गांव का दौरा करेंगी और गांव वालों से बात करके ही आगे का फैसला लिया जाएगा.
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अनिल गिरी