2011 सौम्या रेप केस: उम्रकैद की सजा काट रहा दोषी जेल से भागने के कुछ घंटों बाद पकड़ा गया

2011 के सौम्या बलात्कार और हत्या मामले में दोषी गोविंदाचामी कन्नूर सेंट्रल जेल से फरार हो गया, लेकिन कुछ घंटों बाद पकड़ा गया. जेल डीजीपी ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की और कार्रवाई का वादा किया.

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सजा काट रहा दोषी जेल से भागा (Photo: ITG) सजा काट रहा दोषी जेल से भागा (Photo: ITG)

शिबिमोल

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

साल 2011 के सौम्या बलात्कार और हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा दोषी गोविंदाचामी जेल से फरार हो गया. जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को वह केरल की हाई सिक्योरिटी वाली कन्नूर सेंट्रल जेल से फरार हो गया. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि उसे कुछ घंटों बाद ही पकड़ लिया गया.

जेल के डीजीपी बलराम कुमार उपाध्याय ने कहा कि गोविंदाचामी को हिरासत में ले लिया गया है और बाद में भागने के कारणों पर कार्रवाई की जाएगी.

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सुबह तड़के उसकी सेल की नियमित जांच के दौरान उसके गायब होने का पता चला. इसके बाद जेल अधिकारियों ने तुरंत जेल परिसर और उसके आसपास तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन कैदी कहीं नहीं मिला.

कन्नूर टाउन पुलिस ने बताया कि उन्हें सुबह 7 बजे उसके फरार होने की जानकारी मिली. जेल परिसर और उसके आसपास तलाशी अभियान में मदद के लिए के-9 दस्ते को भी बुलाया गया था.

सीसीटीवी फुटेज में गोविंदाचामी को जेल से भागने के बाद सड़क पर चलते हुए देखा गया. शोरनूर के पास मंजक्कड़ की 23 साल की सौम्या का 1 फरवरी, 2011 को एर्नाकुलम से शोरनूर जा रही एक पैसेंजर ट्रेन में अकेले यात्रा करते समय रेड और मर्डर कर दिया गया था.

मृतका की मां ने जताई नाराजगी...

सौम्या की मां सुमति ने इस घटना पर गहरा सदमा जताया और सवाल किया कि ऐसी चूक कैसे हो सकती है. उन्होंने कहा, "कन्नूर जेल बहुत बड़ी है. वह वहां से कूदकर कैसे भाग सकता है? वह बिना किसी सहारे के ऐसा नहीं कर सकता, यह नामुमकिन है. अंदर कोई उसकी मदद कर रहा है. उसका सिर्फ़ एक हाथ है और दीवार बहुत बड़ी है. उसे तुरंत पकड़ा जाना चाहिए. मुझे नहीं लगता कि वह अब तक कन्नूर से बाहर निकला होगा."

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यह भी पढ़ें: सौम्या रेप और मर्डर केसः SC ने खारिज की केरल सरकार की अर्जी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन ने जेल प्रणाली में गंभीर खामियों का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि क्या भागने की घटना फर्जी थी.

उन्होंने सवाल किया, "कुख्यात अपराधी रात 1 बजे भाग गया. जेल अधिकारियों को सुबह 5 बजे इसकी जानकारी मिली. पुलिस को सुबह 7 बजे जानकारी दी गई. दीवार पर बिजली की बाड़ लगी हुई थी. जब वह जेल से भागा तो बिजली बंद कर दी गई थी. सब कुछ एक रहस्य है. क्या वह भागा या उसे भागने में मदद की गई?" 

सुरेंद्रन ने यह भी बताया कि माकपा नेता पी. जयराजन और त्रिकारीपुर के स्थानीय विधायक जेल सलाहकार समिति में हैं.

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