नागपुर में NGO की आड़ में धर्मांतरण का खेल, TCS केस की तरह यहां भी महिलाएं थी निशाने पर

महाराष्ट्र के नागपुर में NGO चलाने वाले रियाज काजी को धर्मांतरण और महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी समाज सेवा की आड़ में महिलाओं पर जबरन धर्म बदलने और इस्लामिक रीति-रिवाज मानने का दबाव बनाता था. यह मामला नासिक के चर्चित TCS केस जैसा ही है, जिसकी गहराई और विदेशी फंडिंग की जांच अब महाराष्ट्र ATS कर रही है.

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नासिक के बाद अब नागपुर में बड़ा खुलासा (Photo: ITG) नासिक के बाद अब नागपुर में बड़ा खुलासा (Photo: ITG)

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 20 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

महाराष्ट्र में एक के बाद एक धर्मांतरण और महिलाओं के उत्पीड़न के दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने सबको हैरान कर दिया है. अभी नासिक की टीसीएस (TCS) यूनिट में जबरन धर्म परिवर्तन और यौन शोषण का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब नागपुर में भी कुछ वैसा ही 'गंदा खेल' सामने आया है. यहां समाज सेवा के नाम पर NGO चलाने वाले एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि यह शख्स एनजीओ की आड़ में महिलाओं पर धर्म बदलने का दबाव बनाता था और उनके साथ छेड़छाड़ करता था.

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यह मामला है नागपुर के मानकापुर इलाके का, जहां 'फिकर फाउंडेशन' और 'पढ़े हम, पढ़ाए हम' नाम से NGO चलाने वाले रियाज काजी को पुलिस ने धर दबोचा है. इस NGO में काम करने वाली महिलाओं ने ही काजी की पोल खोली है. उन्होंने बताया कि रियाज उन पर जबरन इस्लामिक कपड़े पहनने और उनके रीति-रिवाजों को मानने के लिए दबाव डालता था. अगर कोई महिला इसका विरोध करती, तो उसके साथ छेड़छाड़ की जाती और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता. फिलहाल, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस एनजीओ के पास फंडिंग कहां से आ रही थी.

NGO की आड़ में धर्मांतरण करने वाला रियाज काजी

नासिक जैसा ही 'पैटर्न'

हैरानी की बात यह है कि नागपुर का यह मामला ठीक वैसा ही लग रहा है जैसा हाल ही में आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) की यूनिट में देखने को मिला था. वहां भी एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया गया. उस मामले में भी आरोपी ने पीड़िता के विश्वास का अपमान किया और उसे इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया. जहां उस केस की जांच के लिए SIT बना दी गई है, वहीं अब नागपुर की घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र ATS भी मैदान में उतर गई है.

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एटीएस और पुलिस की टीमें अब रियाज काजी के एनजीओ के कच्चे-चिट्ठे खंगालने में जुट गई हैं. सबसे बड़ी जांच इस बात की हो रही है कि क्या इन संस्थाओं के पीछे कोई विदेशी नेटवर्क है, जो गुपचुप तरीके से फंडिंग भेज रहा था. पुलिस को शक है कि काजी ने सिर्फ इन महिलाओं को ही नहीं, बल्कि कई और लोगों को भी अपने जाल में फंसाया होगा. मानकापुर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर हरीश कालसेकर ने काजी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है, जिससे इस धर्मांतरण सिंडिकेट की गहराई का पता चल सके.

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एनजीओ में ही काम करने वाली महिलाओं ने हिम्मत दिखाई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित महिलाओं के बयानों के आधार पर ही पुलिस काजी तक पहुंची है. अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है ताकि यह पता चल सके कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला है. इस पूरे मामले में आज दोपहर 12 बजे मानकापुर पुलिस के इंस्पेक्टर बाइट देने वाले हैं, जिसमें कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है.
 

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