'SIR से बाहर हो सकते हैं 3 करोड़ वोटर', रोहित पवार ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप

NCP (SP) विधायक रोहित पवार का कहना है कि वेरिफिकेशन प्रोसेस में गड़बड़ियों के कारण SIR से लगभग 3 करोड़ वोटर हटाए जा सकते हैं और इस प्रोसेस में हर पांच में से एक वोटर को हटाया जाएगा.

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रोहित पवार ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं और BJP के लिए काम करते हैं. (Photo: ITG) रोहित पवार ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं और BJP के लिए काम करते हैं. (Photo: ITG)

मुस्तफा शेख

  • मुंबई,
  • 27 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए, NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने रविवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद और 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले लगभग 40 लाख वोटर जोड़े.

रोहित पवार ने कहा कि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बीच 5 सालों में केवल 32 लाख वोटर जोड़े गए, यानी हर महीने औसतन लगभग 53,000 वोटर. 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP के खराब प्रदर्शन के बाद, 6 महीनों में 40 लाख वोटर जोड़े गए, यानी हर महीने औसतन 6.5 लाख वोटर.

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उन्होंने कहा कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सत्ताधारी पार्टी ने ज्ञानेश कुमार की मदद से 6.5 लाख नए वोटर जोड़े. उन्होंने कहा कि ऐसा BJP की जीत सुनिश्चित करने के लिए किया गया. रोहित ने कहा कि ज्ञानेश कुमार दिल्ली में किसी राजा की तरह व्यवहार कर रहे हैं और ऐसे बात कर रहे हैं जैसे चुनाव आयोग उन्हीं का हो.

रोहित ने बताया कि वेरिफिकेशन प्रोसेस में गड़बड़ियों के कारण SIR से लगभग 3 करोड़ वोटर हटाए जा सकते हैं और इस प्रोसेस में हर पांच में से एक वोटर को हटाया जाएगा. रोहित ने कहा, 'ज्ञानेश कुमार भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं और BJP के लिए काम करते हैं. हम उन्हें हटाने के आंदोलन का स्वागत करते हैं.

रोहित ने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) एस. चोकलिंगम पर भी आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि नासिक के जिला कलेक्टर (2006-09) के तौर पर काम करते हुए, चोकलिंगम के ससुराल वालों ने सरुल गांव में रिंग रोड के पास ज़मीन खरीदी थी. बाद में 2025 में, ससुर के निधन के बाद वह जमीन चोकलिंगम के नाम ट्रांसफर कर दी गई. रोहित ने कहा, जहां किसानों की ज़मीन का अधिग्रहण किया गया, वहीं इस ज़मीन को छोड़ दिया गया. और अब यह रिंग रोड के ठीक सामने है.  क्या यह महज एक इत्तेफाक है या कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट?

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