केतन हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं. इसी बीच एक जानकारी ये भी सामने आई है कि केतन की हत्या के बाद सिया और चेतन ने उसका फोन कुछ दिनों तक अपने पास रखा था. फिर उसके परिजनों को सौंप दिया. कथित हत्या के बाद गोयल और चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
एक एजेंसी के मुताबिक सोमवार को दोनों की पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जांचकर्ता यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या गोयल ने उस दौरान अग्रवाल के फोन से कोई सबूत मिटाया या नष्ट किया था, जब वह डिवाइस उसके पास थी. इस बीच पुणे ग्रामीण पुलिस ने बुधवार को सह-आरोपी चौधरी के साथ फिर से घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया. चौधरी ने कथित तौर पर अग्रवाल की हत्या की साजिश में भूमिका निभाई थी.
पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस चौधरी को लोहगढ़ किले ले गई, जहां जांच के हिस्से के तौर पर घटनाक्रम को फिर से दोहराया गया. पुलिस ने रविवार को सिया गोयल के साथ भी इसी तरह क्राइम सीन रिक्रिएशन किया था. इस दौरान उसकी मौजूदगी में एक डमी को पहाड़ी से नीचे धकेला गया था.
क्या फोन से मिटाया गया था सबूत, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारी के अनुसार जांच से पता चला है कि ऐतिहासिक स्थल पर पहाड़ी से धक्का दिए जाने के बाद अग्रवाल का मोबाइल फोन गोयल के पास आ गया था. उन्होंने कहा कि बाद में उसने फोन उनके परिवार को सौंप दिया. हम जांच कर रहे हैं कि क्या फोन उसके पास रहने के दौरान कोई अहम सबूत मिटाया गया या उससे छेड़छाड़ की गई.
इससे पहले पुलिस ने कहा था कि केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने अपनी शिकायत में बताया था कि उनके बेटे ने बार-बार गोयल की चौधरी के साथ नजदीकी को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि वह अक्सर बातचीत में चौधरी का नाम लेती थी.
aajtak.in