आंखों के सामने पत्नी पर झपटा बाघ, बेबस पति चाहकर भी नहीं बचा सका जान... महाराष्ट्र में खौफनाक घटना

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में ताडोबा-अंधारी बाघ परियोजना के बफर क्षेत्र में बाघ के हमले में 45 वर्षीय महिला उषा अंकुश गुरुनुले की मौत हो गई. शुक्रवार, 16 अक्टूबर को वह अपने पति के साथ जंगल से सटे खेत में धान की सिंचाई करने गई थीं. इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया.

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महिला, जिसे पति के सामने उठा ले गया बाघ. (Photo: Screengrabs) महिला, जिसे पति के सामने उठा ले गया बाघ. (Photo: Screengrabs)

विकास राजूरकर

  • चंद्रपुर,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:02 AM IST

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के ताडोबा-अंधारी बाघ परियोजना के बफर क्षेत्र में बाघ के हमलों का खतरा एक बार फिर सामने आया है. यहां शुक्रवार, 16 अक्टूबर को पलसगांव वन परिक्षेत्र के खेत में काम कर रही 45 वर्षीय महिला पर बाघ ने अचानक हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया, सबसे दर्दनाक बात यह है कि महिला का पति सामने ही मौजूद था, लेकिन वह अपनी पत्नी को बाघ के चंगुल से बचा नहीं सका. 

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इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है. मृतका की पहचान 45 वर्षीय उषा अंकुश गुरुनुले के रूप में हुई है. यह घटना वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 559, पीएफ 1000 परिसर में हुई. प्राप्त जानकारी के अनुसार उषा गुरुनुले सोयाबीन की कटाई का काम पूरा कर घर लौटी थीं. इसके बाद वह अपने पति अंकुश गुरुनुले के साथ धान की फसल को पानी देने जंगल से सटे खेत में गई. पति डीजल इंजन के पास पानी की व्यवस्था कर रहे थे, जबकि उषा खेत में काम करने में जुटी थीं. 

इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाने लगा. पत्नी को बाघ के हमले में फंसा देख पति ने शोर मचाकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बाघ ने उषा की गर्दन पर हमला कर दिया. इस हमले में उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

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घटना से दहशत में किसान
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ओर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा कर महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. इस दर्दनाक घटना ने जंगल से सटे खेतों में काम करने वाले किसानों और खेतिहर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खेती के मौसम में किसान अपनी फसलों की देखभाल और सिंचाई के लिए खेतों में जाने को मजबूर हैं.

ऐसे में बाघ के हमले का खतरा उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है. घटना के बाद पलसगांव क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल से सटे खेतों में नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने व किसानों को समय रहते सतर्क करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है. 

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