चंद्रपुर में प्रदूषण की मार, धूल से काली हुई पर्यावरण मंत्री की सफेद BMW, खुली पॉल्यूशन की पोल

औद्योगिक गतिविधियों के कारण लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रहे चंद्रपुर जिले की जमीनी सच्चाई उस वक्त सामने आ गई जब महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे खुद हालात का जायजा लेने पहुंचीं. उनकी सफेद BMW कार पर कोयले की धूल की ऐसी मोटी परत चढ़ी की गाड़ी काली हो गई.

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चारों तरफ उड़ती धूल, खुले में कोयले की ढुलाई से चंद्रपुर में बढ़ रहा प्रदूषण (Photo- ITG) चारों तरफ उड़ती धूल, खुले में कोयले की ढुलाई से चंद्रपुर में बढ़ रहा प्रदूषण (Photo- ITG)

विकास राजूरकर

  • चंद्रपुर,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST

महाराष्ट्र की कद्दावर नेता और पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे जब गुरुवार को प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे चंद्रपुर जिले का जायजा लेने पहुंचीं तो वहां की सच्चाई ने खुद उन्हें झकझोर दिया. उनकी चमचमाती सफेद BMW कार कुछ ही घंटों में धूल से पूरी तरह काली हो गई. ऐसे में पर्यावरण मंत्री के सामने चंद्रपुर के लोगों के रोजमर्रा के संघर्ष की कहानी सामने ही बयां होती नजर आई.

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दरअसल, मंत्री पंकजा मुंडे दुर्गापुर स्थित चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन के कन्वेयर बेल्ट, बेलसणी की महामाया कोल वॉशरी और घुग्गुस स्थित विदर्भ मिनरल्स एनर्जी कंपनी का निरीक्षण करने पहुंची तो वहां चारों तरफ उड़ती धूल, खुले में कोयले की ढुलाई और प्रदूषण रोकने वाले उपायों की कमी साफ नजर आ रही थी.

औद्योगिक इलाकों में कोयले की धूल उड़ रही थी. हवा में इतनी धूल थी कि मंत्री के काफिले की गाड़ियां कुछ ही देर में धूल की मोटी परत से ढक गई. यह देखकर सभी हैरान रह गए. एक सफेद लग्जरी कार का काला पड़ जाना चंद्रपुर के प्रदूषण की भयावह स्थिति को दर्शाता है.

निरीक्षण के दौरान पंकजा मुंडे ने कहा कि मुझे यहां की समस्या की जानकारी थी, लेकिन वास्तविक हालात देखने के लिए मैं खुद आई थी. स्थिति बहुत गंभीर है. उन्होंने साफ संकेत दिया कि नियम तोड़ने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने अधिकारियों को तुरंत रिपोर्ट देने और दोषी पाए जाने वाले कारखानों पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं.

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बता दें कि चंद्रपुर के लोग लंबे समय से इस प्रदूषण की मार झेल रहे हैं. पर्यावरण के जानकार प्रो सुरेश चोपने ने बताया कि चंद्रपुर के जिस इलाके का पंकजा मुंडे ने दौरा किया वहां AQI 400 तक रहता है.  कोयला आधारित बिजली संयंत्रों, कोल वॉशरियों और खनन गतिविधियों के कारण यहां हवा में लगातार धूल और प्रदूषक तत्व घुले रहते हैं. सांस की बीमारियां, आंखों में जलन और बच्चों में बढ़ते स्वास्थ्य मुद्दे आम बात हो चुके हैं. स्थानीय निवासियों ने कहा कि हम कई सालों से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ा बदलाव नहीं आया. अब मंत्री ने खुद आकर स्थिति देखी तो सुधार की उम्मीद जरूर जगी है.

चंद्रपुर को महाराष्ट्र का सबसे प्रदूषित जिला माना जाता है. यहां कई बड़े थर्मल पावर प्लांट और कोयला खदानें हैं. खुले में कोयला ट्रांसपोर्ट और बिना कवर के ट्रक आने-जाने से धूल का स्तर खतरनाक हो जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तुरंत छिड़काव सिस्टम, वॉटर स्प्रिंकलर, कवर ट्रक और सख्त निगरानी नहीं लागू की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है. मंत्री पंकजा मुंडे के इस दौरे से उम्मीद है कि अब प्रदूषण नियंत्रण पर ठोस कदम उठाए जाएंगे. 

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