भिवानी कांड में आरोपी मोनू मानेसर की पिस्टल होगी जब्त, 'बदमाश छोरा...' गाने पर वीडियो वायरल

हरियाणा के भिवानी कांड में आरोपी मोनू मानेसर के खिलाफ पुलिस प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता दिख रहा है. इसी क्रम में उसके हथियार का लाइसेंस कैंसल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस संबंध में डीसीपी मानेसर ने पुलिस कमिश्नर को लिखा है कि मोनू मानेसर के हथियार का लाइसेंस कैंसल किया जाए.

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भिवानी मर्डर केस का आरोपी मोनू मानेसर भिवानी मर्डर केस का आरोपी मोनू मानेसर

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

हरियाणा के भिवानी में जली हुई बोलेरो में दो कंकाल मिलने के मामले में बजरंग दल के 5 कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज कराया गया है. इनमें एक आरोपी मोनू मानेसर भी है. वो बजरंग दल का गुरुग्राम जिला संयोजक है और खुद को गौ-रक्षक बताता है. पुलिस प्रशासन अब मोनू के खिलाफ सख्त रुख अपनाता दिख रहा है. इसी क्रम में उसके हथियार का लाइसेंस कैंसल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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डीसीपी मानेसर ने पुलिस कमिश्नर को लिखा, 'मोनू मानेसर के हथियार का लाइसेंस कैंसल किया जाए. उस पर जुनैद और नासिर की किडनैपिंग के बाद हत्या के आरोप हैं." डीसीपी मानेसर ने आज तक से बातचीत में कहा कि जिस किसी के पास लाइसेंसी हथियार हो और उस पर अपराधिक मामले दर्ज होता है तो प्रशासन उसके हथियार का लाइसेंस कैंसल करता है. इसी के तहत मोनू के खिलाफ ये प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

गौरतलब है कि भिवानी हत्याकांड के बाद मोनू मानेसर का एक वीडियो भी वायरल हुआ है. इसमें उसकी कार में पिस्टल और रिवॉल्वर रखे नजर आ रहे हैं. कार के अंदर और भी लोग हैं, जिनके हाथों में असलहा दिख रहे हैं. इसमें वो 'बदमाश छोरा...' गाने के बोल पर कार में मस्ती करता दिखा रहा है. देखिए वीडियो...

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16 फरवरी को बोलेरो में मिले थे दो कंकाल

हरियाणा के भिवानी में लोहारू के बारवास गांव के पास एक जली हुई बोलेरो में 16 फरवरी को दो कंकाल मिले थे. मृतकों की पहचान नासिर (25) और जुनैद (35) के तौर पर हुई है. दोनों राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं. मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल के कार्यतकर्ताओं ने दोनों का भरतपुर से अपहरण किया और हत्या कर दी. दोनों का शव भरतपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर भिवानी के लोहारू में मिला था. जुनैद पर गो तस्करी के 5 मामले दर्ज थे. जबकि नासिर का कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं मिला है.

मृतकों के चचेरे भाई ने दर्ज कराई थी शिकायत


मृतकों के चचेरे भाई खालिद ने गोपालगढ़ थाने में बुधवार को दो लोगों के अगवा होने की शिकायत दर्ज कराई थी. खालिद की शिकायत के मुताबिक, उसके दो चचेरे भाई जुनैद और नासिर हरियाणा के फिरोजपुर में किसी काम से निकले थे. लेकिन किसी अनजान व्यक्ति ने उसे बताया कि एक बोलेरो कार में कुछ लोग मारपीट करते हुए दो लोगों को जंगल की ओर ले गए हैं.

खालिद ने अपनी शिकायत में बताया कि जब वे परिजनों के साथ गोपालगढ़ के पीरुका के जंगल में पहुंचे, तो उन्हें वहां कार के टूटे शीशे के टुकड़े मिले. स्थानीय लोगों ने बताया कि बोलेरो कार में सवार दो लोगों के साथ हरियाणा के रहने वाले अनिल, श्रीकांत, रिंकू सैनी, लोकेश सिंगला, मोनू मारपीट कर रहे थे. वे उसी कार में उन्हें ले गए. खालिद ने शिकायत में इन आरोपियों पर अपहरण करने का आरोप लगाया था. आरोपियों में शामिल रिंकू सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है. अभी भी चार आरोपी फरार हैं.

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हत्याकांड को लेकर मोनू मानेसर का बयान

मोनू मानेसर बोला- मुझे फंसाया जा रहाउधर, मोनू मानेसर ने वीडियो जारी कर कहा है कि बजरंग दल की कोई भी टीम वहां मौजूद नहीं थी. मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं. ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. हमें इस घटना के बारे में सोशल मीडिया से पता चला है. इस घटना में जो भी आरोपी हैं, उनपर सख्त से सख्त कार्रवाई हो. हम जांच में सहयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. मोनू ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है.

बिना सबूतों के केस दर्ज कराना गलत- बजरंग दल

इस मामले में बीते दिन गुरुग्राम में बजरंग दल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और हत्या मामले में शोक जताया था. इस दौरान कहा था कि बजरंग दल के सदस्यों के खिलाफ बिना सबूतों के आधार पर मामला दर्ज कराना गलत है. पुलिस इस मामले जांच पूरी करे, जो भी आरोपी हैं, उन्हें गिरफ्तार करे. अपहरण और हत्या मामले से बजरंग दल के सदस्यों का कोई संबंध नहीं है. राजस्थान सरकार इस मामले पर राजनीतिक फायदा ले रही है. साथ ही सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही है. गौ-रक्षकों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है.

राजनीतिक दुर्भावना से ग्रस्त है राजस्थान सरकार- VHP

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विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी. साथ ही आरोप लगाया था कि राजनीतिक दुर्भावना से बजरंग दल का नाम मामले में घसीटा जा रहा है. विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि बिना प्राथमिक जांच के राजस्थान पुलिस ने तस्करों के भाई द्वारा बताए गए लोगों को घटना का जिम्मेदार मान लिया है. राजस्थान सरकार राजनीतिक दुर्भावना से ग्रस्त है और समाज को उससे न्याय की उम्मीद नहीं है. 

 

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