नवरात्रि है. गरबा चल रहा है. लोग संगीत की धुन पर थिरक रहे हैं. तभी कुछ लोग पहुंचते हैं और आयोजकों से पूछते हैं- मुस्लिम कर्मचारी गरबा क्यों खेल रहे हैं? आयोजक जवाब देते हैं- वे हमारे स्टाफ का हिस्सा हैं. सामने से आवाज आती है- 'अगर मुस्लिम आपका स्टाफ है, तो भी हम खेलने नहीं देंगे.' इसके बाद बातचीत आगे बढ़ती है, लव जिहाद की बातें होती हैं. पहचान पत्र देखने, तिलक लगाने और अगले दिन फिर आने की बात होती है.
यह पूरा घटनाक्रम गुजरात के सूरत के ओलपाड इलाके में स्थित मेडिकल कॉलेज का है. यहां नवरात्र के दौरान गरबा आयोजित किया गया था. इस गरबा में मुस्लिम स्टाफ भी शामिल था. इसी को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई. अब इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
यहां देखें वीडियो
वायरल वीडियो में काले कुर्ते और चश्मे में दिख रहा एक व्यक्ति आयोजक या प्रबंधन से जुड़ा बताया जा रहा है. उसके सामने बजरंग दल के कई कार्यकर्ता हैं. बातचीत की शुरुआत गरबा में मुस्लिम कर्मचारियों के शामिल होने को लेकर होती है. आयोजक कहते हैं कि कार्यक्रम में सभी लोग गरबा खेल रहे हैं. इस पर एक कार्यकर्ता सवाल करता है कि मुस्लिम भी गरबा खेल रहे हैं? आयोजक जवाब देते हैं कि मुस्लिम उनके स्टाफ का हिस्सा हैं.
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यहीं से बहस तेज हो जाती है. कार्यकर्ता कहते हैं कि स्टाफ में होने का मतलब यह नहीं कि उन्हें गरबा खेलने दिया जाए. वे इसे माता जी का उत्सव बताते हैं और कहते हैं कि इसमें सिर्फ हिंदुओं को शामिल होना चाहिए. बातचीत के दौरान कार्यकर्ता लव जिहाद की बात भी करते हैं. उनका कहना है कि गरबा कार्यक्रमों में दूसरे समुदाय के लोगों की भागीदारी से ऐसी आशंका रहती है और आयोजकों को महिलाओं व युवतियों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए.
'कल हम खुद चेक करेंगे', कार्यकर्ताओं ने क्या कहा?
वीडियो में कार्यकर्ता आयोजकों से कहते हैं कि वे अभी मुस्लिम कर्मचारियों को बाहर करें और घोषणा कराएं कि अगले दिन से गैर-हिंदू गरबा में शामिल नहीं होंगे. एक कार्यकर्ता यह भी कहता है कि उन्होंने इस बारे में पहले से आवेदन दिया हुआ है और आयोजकों को गैर-हिंदू को अंदर नहीं आने देना चाहिए. बातचीत में तिलक लगाने और माता जी के सामने सिर झुकाने की बात भी आती है. कार्यकर्ता कहते हैं कि जो ऐसा करने से मना करे, उसे कार्यक्रम से बाहर कर दिया जाए.
आयोजक इस पर सवाल उठाते हैं. वे कहते हैं कि किसी के परिसर में आकर इस तरह दखल देना ठीक नहीं है. वे यह भी कहते हैं कि कॉलेज के किसी कर्मचारी से कोई समस्या होती है, तो उसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.
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इसके जवाब में कार्यकर्ता अगले दिन ज्यादा संख्या में आने की बात कहते हैं. वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे पहचान पत्र देखेंगे और जांच करेंगे कि गरबा में कौन शामिल हो रहा है. उनकी मांग है कि अगले दिन से कोई गैर-हिंदू कार्यक्रम में दिखाई नहीं देना चाहिए. आयोजक कहते हैं कि कार्यक्रम खत्म होने वाला है और अगले दिन प्रबंधन से बात करके फैसला लिया जाएगा.
बजरंग दल के संयोजक ने क्या बताया?
सूरत के रांदेर जिले के बजरंग दल संयोजक सुजीत सिंह राजपूत ने इस वायरल वीडियो की पुष्टि की है. उनके मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली थी कि मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम समुदाय के लोग गरबा खेल रहे हैं. इसके बाद वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ कॉलेज परिसर पहुंचे. राजपूत ने बताया कि उन्होंने आयोजकों से मुस्लिम कर्मचारियों को गरबा में शामिल न करने की हिदायत दी थी. यानी वीडियो में जो विरोध दिखाई दे रहा है, वह मुस्लिम स्टाफ की भागीदारी पर संगठन की आपत्ति से जुड़ा था.
इस पूरे विवाद में आयोजकों का पक्ष भी अहम है. वीडियो में वे मुस्लिम कर्मचारियों के कॉलेज स्टाफ का हिस्सा होने की बात कहते हैं. वे यह भी कहते हैं कि किसी के परिसर में आकर जबरन नियम तय नहीं किए जा सकते और मामले को प्रबंधन के स्तर पर देखा जाएगा. कार्यकर्ता उनसे अगले दिन से गैर-हिंदुओं को गरबा में शामिल नहीं होने देने की घोषणा करने की मांग करते हैं. आयोजक कहते हैं कि वे प्रबंधन के साथ चर्चा करके फैसला लेंगे. फिलहाल वायरल वीडियो की वजह से मामला चर्चा में है. कॉलेज प्रशासन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. पुलिस की ओर से भी कोई बयान नहीं है.
संजय सिंह राठौर