गुजरात के सूरत से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां सरथाणा इलाके में रहने वाले एक कारोबारी ने कथित तौर पर दोस्तों की धमकियों और उधार दिए गए लाखों रुपये वापस न मिलने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. संयोग से गिरफ्तारी फ्रेंडशिप डे के दिन हुई.
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान राजेशभाई कुंजडिया के रूप में हुई है. वह एम्ब्रॉयडरी का काम करते थे और मूल रूप से जूनागढ़ जिले के विसावदर के रहने वाले थे. वह अपनी पत्नी भाविका और दो बच्चों के साथ सूरत के सरथाणा इलाके में रहते थे.
जांच में सामने आया कि कपड़े के कारोबार में मंदी आने के बाद राजेशभाई ने अपनी मशीनें बेच दी थीं. मशीनें बेचने से उन्हें करीब 14 लाख रुपये मिले थे. पुलिस के अनुसार, उन्होंने यह रकम अपने दोस्त घनश्याम अहीर को दी थी, क्योंकि वह कनाडा जाने की तैयारी कर रहा था.
पैसे वापस मांगने पर दोस्तों ने धमकी
परिजनों और पुलिस के मुताबिक, एक महीने बाद जब राजेशभाई ने अपने पैसे वापस मांगे तो घनश्याम ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया. आरोप है कि उसने राजेशभाई से छह अलग-अलग बैंकों में म्यूल अकाउंट भी खुलवाए. पुलिस के अनुसार, राजेशभाई को इन खातों के इस्तेमाल की पूरी जानकारी नहीं थी. बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वे इसमें फंस गए हैं. आरोप है कि इसके बाद उन्हें साइबर क्राइम में शिकायत करने की धमकी भी दी जाने लगी.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राजेशभाई ने अपने दो अन्य दोस्तों निक्षित उर्फ रिकी और दाढ़ी अहीर को भी क्रमशः 2 लाख रुपये और 1.32 लाख रुपये उधार दिए थे. आरोप है कि दोनों ने भी रकम वापस नहीं की. पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई को राजेशभाई ने एक सुसाइड नोट लिखा. अगले दिन उनकी पत्नी भाविका ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि उनके पति दोस्तों की धमकियों और धोखे से मानसिक रूप से परेशान थे.
पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट में राजेशभाई ने लिखा कि घनश्याम अहीर उनसे लिए गए पैसे वापस नहीं कर रहा था. उन्होंने यह भी लिखा कि पैसे मांगने पर आरोपी कहता था कि उसके पास पैसे नहीं हैं और जो करना है कर लो. सुसाइड नोट में यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें पुलिस और साइबर केस की धमकी दी जाती थी.
सुसाइड नोट में उन्होंने छह बैंकों के खातों का भी जिक्र किया और लिखा कि ये खाते घनश्याम के कहने पर खुलवाए गए थे. उन्होंने यह भी लिखा कि निक्षित उर्फ रिकी पैसे मांगने पर कथित तौर पर कहता था कि अगर पैसे नहीं हैं तो मर जाना चाहिए. वहीं दाढ़ी अहीर पर भी रकम लौटाने में लगातार टालमटोल करने का आरोप लगाया गया.
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में राजेशभाई ने लिखा कि तीनों से उन्हें कुल 17.32 लाख रुपये लेने थे और पैसे वापस न मिलने के कारण वह यह कदम उठा रहे हैं. जांच के मुताबिक, सुसाइड नोट लिखने के बाद राजेशभाई अपनी बेटी को लेकर बाहर निकले. बाद में उन्होंने बेटी को मोपेड के साथ घर भेज दिया और कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पी लिया. घर लौटने पर उनकी पत्नी ने उनकी तबीयत बिगड़ती देखी और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट कर जांच शुरू की
इस मामले में पुलिस ने पहले आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. बाद में सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.
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ब्रिजेश दोशी