राजकोट अग्निकांड के बाद गुजरात सरकार ने गेमिंग जोन के लिए तैयार किया ड्राफ्ट, सुझाव आमंत्रित किए

स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि सुझाव 25 जून तक गृह विभाग की ईमेल आईडी 'home@gujarat.gov.in' पर दिए जा सकते हैं. गुजरात पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 33 के तहत पुलिस आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट को इस संबंध में नियम बनाने का अधिकार है.

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राजकोट अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने गेमिंग जोन को लेकर नया ड्राफ्ट तैयार किया है (फाइल फोटो- पीटीआई) राजकोट अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने गेमिंग जोन को लेकर नया ड्राफ्ट तैयार किया है (फाइल फोटो- पीटीआई)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद ,
  • 12 जून 2024,
  • अपडेटेड 9:08 AM IST

राजकोट स्थित एक गेमिंग जोन में पिछले महीने लगी भीषण आग के बाद गुजरात सरकार ने नया मसौदा नियम जारी किया है. स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता ऋषिकेश पटेल ने कहा कि 'प्रस्तावित गुजरात एम्यूजमेंट राइड्स एंड गेमिंग एरिया एक्टिविटी (सेफ्टी) रूल्स-2024' का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी भीषण त्रासदियां दोबारा न हों. लोकसभा चुनाव के बाद राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद ऋषिकेश पटेल ने गांधीनगर में संवाददाताओं को बताया कि मसौदा नियम राज्य गृह विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं, ताकि लोग सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकें.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि सुझाव 25 जून तक गृह विभाग की ईमेल आईडी 'home@gujarat.gov.in' पर दिए जा सकते हैं. गुजरात पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 33 के तहत पुलिस आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट को इस संबंध में नियम बनाने का अधिकार है. 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे. राजकोट अग्निकांड को लेकर ऋषिकेश पटेल ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार स्थानीय पुलिस और एसआईटी द्वारा की जा रही जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार वरिष्ठ अधिकारियों या निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगी.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एसआईटी संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज कर रही है. जांच के लिए वह किसी को भी बुलाने के लिए स्वतंत्र है. वह 20 जून तक अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट और सरकार को सौंप देगी और निष्कर्षों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

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बता दें कि 25 मई को राजकोट शहर में टीआरपी गेम जोन में लगी भीषण आग में बच्चों सहित 27 लोगों की मौत हो गई थी. जांच में पाया गया कि गेमिंग जोन के पास नगर निगम के अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिली थी. घटना के बाद राज्य सरकार ने आग के कारणों, सिस्टम में खामियों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का सुझाव देने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुभाष त्रिवेदी की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया. इस मामले में अब तक गेम जोन के पांच सह-मालिकों और चार सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है.

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