गुजरात के जूनागढ़ स्थित सासण गिर में आज 9 अक्टूबर से जंगल सफारी शुरू हो गई है. इस बार सफारी का दरवाजा तय तारीख से आठ दिन पहले खोल दिया गया. और पहले ही दिन जंगल पहुंचे पर्यटकों को शेरों के दीदार भी हो गए. सवाल है कि सफारी इस बार जल्दी क्यों शुरू हुई? पहले दिन जंगल में क्या-क्या दिखा? और अगर आप भी गिर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो बुकिंग को लेकर क्या जानना जरूरी है? आइए, पूरी कहानी समझते हैं.
गिर जंगल की मुख्य सफारी आमतौर पर हर साल 16 अक्टूबर से शुरू होती है. लेकिन इस बार वन विभाग ने इसे 9 अक्टूबर से ही खोलने का फैसला किया. इसके पीछे दो वजहें बताई गई हैं. पहली, मानसून इस बार जल्दी खत्म हो गया. दूसरी, सफारी के रास्तों और कॉजवे से जुड़े जरूरी काम पूरे कर लिए गए. यानी जंगल में सफारी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद पर्यटकों को एक हफ्ते से ज्यादा पहले ही जंगल घूमने का मौका मिल गया.
यहां देखें Video
सासण गिर के डीसीएफ अग्निश्वर व्यास के मुताबिक, इन दिनों जंगल का मौसम भी सुहावना है. बारिश के बाद की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता के बीच पर्यटकों को वन्यजीव देखने का अच्छा मौका मिल रहा है. सफारी सीजन का पहला दिन पर्यटकों के लिए खास बन गया. जंगल में शेरनी अपने शावकों के साथ नजर आई. इसके अलावा नर शेर भी दिखाई दिए.
यह भी पढ़ें: तीन महीने बाद खुले रणथंभौर के दरवाजे, तिलक-माला से हुआ स्वागत... पहले दिन ही जंगल सफारी के लिए उमड़े पर्यटक
सफारी के पहले दिन करीब 100 पर्यटक गिर जंगल पहुंचे. जिन लोगों ने सोचा होगा कि सीजन के पहले दिन जंगल की सैर करेंगे, उन्हें वन्यजीवों के ऐसे दीदार मिले कि उनका पहला अनुभव यादगार बन गया.
जंगल में शेरों को देखना सिर्फ एक तस्वीर खींच लेने भर की बात नहीं होती. उनके प्राकृतिक आवास में उन्हें देखना, उनके व्यवहार को समझना और आसपास के जंगल को महसूस करना भी सफारी का हिस्सा है. गिर पहुंचे पर्यटकों के लिए पहले ही दिन ऐसा अनुभव मिलना किसी बोनस से कम नहीं रहा.
सिक्किम से आईं डॉ. ऋतु ने क्या बताया?
गिर सफारी का अनुभव लेने सिक्किम से पहुंचीं डॉ. ऋतु ने बताया कि यह उनकी पहली सफारी थी. उन्होंने दो शेरनियों, तीन शावकों और दो नर शेरों को देखा. उनके मुताबिक, यह अनुभव बेहद रोमांचक था. शेरों को देखने के साथ-साथ उन्हें गिर के जंगल की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से महसूस करने का मौका भी मिला. यानी सफारी का आकर्षण सिर्फ जंगल के सबसे मशहूर जानवर तक सीमित नहीं रहा. जंगल का माहौल और वहां की प्रकृति भी पर्यटकों के अनुभव का हिस्सा बनी.
अगर गिर सफारी जाने का प्लान है, तो ये बात जान लीजिए
सफारी जल्दी शुरू होने के साथ ही पर्यटकों की दिलचस्पी भी दिखाई दे रही है. 16 से 27 अक्टूबर तक की बुकिंग फुल बताई जा रही है. इसलिए अगर आप भी गिर जंगल में सफारी करना चाहते हैं, तो पहले से बुकिंग की जानकारी लेना बेहतर होगा. वन विभाग ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें.
एक तरफ सफारी सीजन तय तारीख से आठ दिन पहले शुरू हुआ, दूसरी तरफ पहले ही दिन पर्यटकों को शेरनी, शावकों और नर शेरों के दीदार हो गए. मौसम सुहावना है और जंगल हरियाली से भरा हुआ है. ऐसे में सीजन की शुरुआत पर्यटकों के लिए यादगार रही.
हालांकि, जंगल में वन्यजीवों को देख पाना प्रकृति पर निर्भर करता है. हर सफारी में शेर दिखें, इसकी गारंटी नहीं होती. लेकिन गिर की खासियत यही है कि यहां सफारी का अनुभव सिर्फ शेरों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास और जंगल की दुनिया को करीब से महसूस करने का भी मौका देता है. इस बार गिर ने सीजन के पहले ही दिन पर्यटकों को ऐसा नजारा दिखा दिया, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे.
भार्गवी जोशी